4th grade, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सेवा नियम: प्रोबेशन, अवकाश व वेतन

Aug 10, 2026
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राजस्थान चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (भर्ती एवं सेवा की अन्य शर्तें) नियम: प्रोबेशन, अवकाश एवं महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश

राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग एवं अन्य विभागों में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए राजस्थान चतुर्थ श्रेणी (भर्ती एवं सेवा की अन्य शर्तें) नियम, 1999 के तहत कई महत्वपूर्ण प्रावधान लागू होते हैं।यदि आप एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं या हाल ही में नियुक्त हुए हैं, तो आपको प्रोबेशन अवधि, नियत मानदेय, आकस्मिक अवकाश (CL), अध्ययन अवकाश, और शाला दर्पण पर ऑनलाइन जॉइनिंग की सही प्रक्रिया के बारे में स्पष्ट जानकारी होना आवश्यक है।

यहाँ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए सेवा एवं अवकाश नियमों से जुड़े 10 महत्वपूर्ण बिंदु विस्तार से प्रस्तुत किए गए हैं:

1. नियुक्ति एवं प्रोबेशन काल (Appointment & Probation Period)

  • सेवा नियम: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों पर राजस्थान चतुर्थ श्रेणी (भर्ती एवं सेवा की अन्य शर्तें) नियम, 1999 लागू होते हैं।
  • प्रोबेशन एवं पे-लेवल: नियुक्ति 2 वर्ष की परिवीक्षाकाल (Probation Period) अवधि के लिए Pay Level L-2 पर की जाती है।
  • फिक्स्ड मानदेय: प्रोबेशन काल के दौरान कर्मचारियों को ₹12,600/- प्रति माह का निश्चित पारिश्रमिक (Fixed Remuneration) देय होता है।

2. आकस्मिक अवकाश नियम (Casual Leave - CL Rules)

  • एक कैलेंडर वर्ष (1 जनवरी से 31 दिसंबर) के दौरान चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को कुल 15 दिन का आकस्मिक अवकाश (CL) देय होता है।

3. असाधारण अवकाश एवं प्रोबेशन बढ़ोतरी (EOL Rules)

  • अध्ययन हेतु EOL: प्रोबेशन काल में आगे की पढ़ाई/अध्ययन के लिए असाधारण अवकाश (Extraordinary Leave - EOL) लिया जा सकता है।
  • 30 दिन तक की सीमा: यदि प्रोबेशन के दौरान 30 दिन तक का EOL लिया जाता है, तो प्रोबेशन अवधि में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।
  • 30 दिन से अधिक EOL: यदि EOL अवधि 30 दिन से अधिक होती है, तो ली गई संपूर्ण EOL अवधि के बराबर प्रोबेशन काल को आगे बढ़ा दिया जाएगा।

4. अध्ययन अवकाश (Study Leave Restrictions)

  • प्रोबेशन काल (परीविक्षाकाल) के दौरान नियमानुसार नियमित Study Leave (अध्ययन अवकाश) देय नहीं होता है।
  • पढ़ाई जारी रखने के लिए केवल EOL (असाधारण अवकाश) का ही विकल्प उपलब्ध है।

5. पूर्व सेवा के अर्जित अवकाश का उपयोग (Prior Service Leaves)

  • प्रोबेशन अवधि के दौरान कोई भी नया अर्जित अवकाश (Earned Leave) क्रेडिट नहीं होगा।
  • यदि कर्मचारी पूर्व में राजस्थान राजकीय सेवा में कार्यरत था और उसके पास पुरानी सेवा के अर्जित अवकाश शेष हैं, तो सक्षम स्वीकृति के बाद ही उनका उपयोग किया जा सकता है।

6. स्कूलों की छुट्टियाँ एवं कार्य दिवस (School Vacations & Working Days)

  • vacation/छुट्टियाँ: विद्यालयों में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ग्रीष्मकालीन अवकाश (Summer Vacation), शीतकालीन अवकाश (Winter Vacation) तथा मध्यावधि अवकाश (Mid-term Vacation) देय नहीं होते हैं।
  • द्वितीय शनिवार: कर्मचारियों को माह के द्वितीय शनिवार का अवकाश मिलेगा।

7. भत्ते (Allowances during Probation)

  • प्रोबेशन काल में नियत मानदेय के अतिरिक्त अन्य भत्ते जैसे धुलाई भत्ता, वर्दी भत्ता आदि देय नहीं होंगे।

8. कटौतियाँ एवं बीमा नियम (RGHS, GPF & State Insurance)

  • RGHS एवं GPF-2004: नियमानुसार RGHS (राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम) और GPF-2004 की नियमित कटौती की जाएगी।
  • राज्य बीमा (State Insurance): प्रोबेशन अवधि के दौरान प्रथम मार्च से ₹800/- की कटौती राज्य बीमा मद में होगी।
  • स्थायीकरण के बाद: 2 वर्ष का प्रोबेशन सफलतापूर्वक पूरा होने (स्थायीकरण) के पश्चात निर्धारित स्लैब के अनुसार कटौती की जाएगी।

9. प्रोबेशन बढ़ने का MACP पर प्रभाव

  • यदि किसी कारणवश (जैसे 30 दिन से अधिक EOL लेना) प्रोबेशन अवधि में वृद्धि होती है, तो इसका सीधा प्रभाव भविष्य में मिलने वाले MACP (Modified Assured Career Progression) लाभ पर पड़ सकता है।

10. शिक्षा विभाग में ऑनलाइन जॉइनिंग की सही प्रक्रिया

शिक्षा विभाग में कार्यग्रहण करते समय निम्नलिखित क्रम का पालन करना अनिवार्य है:

  1. ऑफलाइन जॉइनिंग: सबसे पहले संबंधित कार्यालय/विद्यालय में ऑफलाइन कार्यग्रहण (Joining) करवाएं।
  2. Employee ID जनरेशन: IFMS 3.0 पोर्टल के माध्यम से अपनी Employee ID जनरेट करवाएं।
  3. HOD अप्रूवल: HOD द्वारा स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही शाला दर्पण (Shala Darpan) पोर्टल पर ऑनलाइन जॉइनिंग दर्ज की जाएगी।

⚠️ महत्वपूर्ण सूचना: यह लेख सामान्य जानकारी और मार्गदर्शन हेतु तैयार किया गया है। किसी भी कानूनी शंका, विवाद या विशेष परिस्थिति में संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों और जारी आधिकारिक परिपत्रों/नियमों का अवलोकन कर नियमानुसार कार्यवाही करें।

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