सेवा की सामान्य शर्तें

Jan 28, 2026
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Table of Contents

इसमें राजस्थान सेवा नियम (RSR), 1951 (Part-I, Chapter III: Rules 8 to 23B) के अंतर्गत सामान्य सेवा शर्तों—जैसे आयु सीमा एवं जन्मतिथि निर्धारण (Rule 8A), स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (Rule 9-11), प्रथम नियुक्ति पर चरित्र सत्यापन (Rule 12), धारणाधिकार (Lien - Rules 14 to 19), संपूर्ण समय सरकार के अधीन होना (Rule 13), तथा बाह्य सेवा/प्रतिनियुक्ति (Foreign Service/Deputation) से संबंधित सभी विधिक प्रावधानों को शामिल किया गया है।

General Conditions of Service under RSR: राजस्थान सेवा नियम (अध्याय 3) के तहत सामान्य सेवा शर्तें, धारणाधिकार (Lien) एवं विधिक प्रावधान

राजस्थान सरकार के अधीन किसी भी पद पर कार्यग्रहण (Joining) करने वाले प्रत्येक कार्मिक की सेवा शर्तें राजस्थान सेवा नियम (Rajasthan Service Rules - RSR), 1951 के भाग-1, अध्याय 3 (नियम 8 से 23B) द्वारा शासित होती हैं। ये नियम राज्य सेवा में प्रवेश, आयु सत्यापन, स्वास्थ्य परीक्षण, सेवा निष्ठा और पद पर विधिक अधिकार (धारणाधिकार / Lien) की आधारशिला तय करते हैं।

इस विस्तृत मार्गदर्शिका में RSR के सामान्य सेवा नियमों के प्रत्येक बिंदु, कार्मिक एवं आहरण-वितरण अधिकारी (DDO) के दायित्वों और न्यायालयी निर्णयों के अनुरूप प्रशासनिक व्याख्या को सरल हिंदी-अंग्रेजी (Hybrid) प्रारूप में समझाया गया है।

1. विधिक रूपरेखा एवं सेवा में प्रवेश की शर्तें (Entry into Government Service)

RSR नियम विषय / प्रावधान (Subject) विधिक आवश्यकता एवं DDO की भूमिका
Rule 8A जन्म तिथि का निर्धारण (Determination of Age) नियुक्ति के समय मान्यता प्राप्त बोर्ड (Secondary/Matriculation) के मूल प्रमाण पत्र के आधार पर जन्मतिथि का अंकन। एक बार दर्ज जन्मतिथि में सेवाकाल के दौरान किसी भी प्रकार का परिवर्तन सामान्यतः पूर्णतः प्रतिबंधित है।
Rule 9 & 10 स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (Medical Certificate of Fitness) प्रथम नियुक्ति पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) अथवा अधिकृत मेडिकल बोर्ड से निर्धारित प्रपत्र में स्वास्थ्य प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य। इसके अभाव में वेतन आहरण वर्जित है।
Rule 11 स्वास्थ्य प्रमाण पत्र से छूट (Exemptions) 6 माह से कम अवधि की अस्थायी नियुक्ति, पदोन्नति द्वारा नियुक्ति, अथवा यदि कार्मिक पूर्व में किसी अन्य राज्य/केंद्रीय नियमित पद से बिना सेवा व्यवधान आया हो।
Rule 12 चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापन (Character & Police Verification) सक्षम प्राधिकारी अथवा पुलिस विभाग द्वारा जारी अनापत्ति/सत्यापन रिपोर्ट सेवा पुस्तिका में संलग्न करना अनिवार्य।
Rule 13 संपूर्ण समय सरकार के अधीन (Whole-time Service) सरकारी सेवक का संपूर्ण समय सरकार के अधीन होता है। वह सक्षम स्वीकृति के बिना कोई निजी व्यापार, वकालत या वाणिज्यिक कार्य नहीं कर सकता।

2. जन्म तिथि अंकन एवं संशोधन नियम (RSR Rule 8A & Clarifications)

कर्मचारी की सेवानिवृत्ति की तिथि सीधे उसकी जन्म तिथि पर निर्भर करती है। अतः इसके संधारण हेतु सख्त प्रावधान लागू हैं:

  1. अंकन की प्रक्रिया: जन्म तिथि को सेवा पुस्तिका (Service Book) के प्रथम पृष्ठ पर अंकों (Figures) और शब्दों (Words) दोनों में लिखा जाएगा तथा उसके ऊपर पारदर्शी सेलो-टेप (Transparent Tape) चिपकाई जाएगी।
  2. संशोधन पर विधिक प्रतिबंध: राजस्थान सरकार के वित्त विभाग के स्पष्ट निर्देशों के अनुसार, कार्यग्रहण के समय सेवा पुस्तिका में दर्ज की गई जन्म तिथि को बाद में किसी भी परिस्थिति (एफिडेविट, शपथ पत्र अथवा संशोधित प्रमाण पत्र) के आधार पर बदला नहीं जा सकता, जब तक कि वह कोई स्पष्ट लिपिकीय भूल (Typographical Error) न हो और सक्षम प्रशासनिक विभाग की पूर्वानुमति न ली गई हो।
  3. सेवानिवृत्ति की गणना: यदि किसी कार्मिक की जन्म तिथि माह की पहली तारीख (जैसे 1 जुलाई) है, तो वह पूर्व माह के अंतिम दिन (30 जून) की दोपहर बाद सेवानिवृत्त माना जाएगा। अन्य किसी भी तारीख पर जन्म होने की स्थिति में वह उसी माह के अंतिम दिन दोपहर बाद सेवानिवृत्त होगा।

3. धारणाधिकार (Lien) के विधिक नियम (RSR Rules 14 to 19)

धारणाधिकार (Lien) वह विधिक अधिकार है जिसके तहत किसी नियमित कार्मिक का अपने मूल पद पर स्थायी अधिकार बना रहता है, भले ही वह अस्थायी रूप से किसी अन्य पद, विभाग या प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हो।

मुख्य प्रावधान:

  • Rule 14 — धारणाधिकार का अर्जन (Acquisition of Lien): जब कोई सरकारी सेवक किसी स्थायी पद पर नियमित रूप से स्थायी (Confirm) हो जाता है, तो वह उस पद पर धारणाधिकार प्राप्त कर लेता है।
  • Rule 15 — धारणाधिकार का निलंबन (Suspension of Lien):
    • यदि कोई कार्मिक किसी अन्य संवर्ग के उच्चतर पद पर अस्थायी/कार्यवाहक (Officiating) रूप से नियुक्त होता है।
    • यदि कार्मिक को बाह्य सेवा (Foreign Service / Deputation) पर भेजा जाता है।
    • ऐसे मामलों में उसका मूल पद पर धारणाधिकार "निलंबित" (Suspend) रखा जाता है, और यदि वह नए पद से वापस लौटता है तो उसका मूल पद पर अधिकार स्वतः बहाल हो जाता है।
  • Rule 18 — धारणाधिकार की समाप्ति (Termination of Lien):
    • जब कर्मचारी को किसी अन्य स्थायी पद पर विधिवत स्थायी (Confirm) कर दिया जाता है।
    • जब कर्मचारी सेवा से त्यागपत्र (Resignation) दे देता है अथवा उसे सेवा से बर्खास्त (Dismiss/Remove) कर दिया जाता है।
  • Rule 19 — बिना सहमति धारणाधिकार का स्थानांतरण: किसी भी स्थायी कर्मचारी को उसकी सहमति के बिना उसके मूल पद से निम्नतर वेतनमान वाले पद पर स्थानांतरित नहीं किया जा सकता (अनुशासनात्मक दण्ड के मामलों को छोड़कर)।

4. दोहरे नियोजन पर प्रतिबंध एवं निजी कार्य (RSR Rule 13 & 13A)

  • पूर्णकालिक सेवा दायित्व: कर्मचारी अपनी ड्यूटी के घंटों के अतिरिक्त भी प्रशासनिक आवश्यकता पड़ने पर कार्य करने हेतु बाध्य है। इसके लिए किसी अतिरिक्त भत्ते की मांग विधिक अधिकार के रूप में नहीं की जा सकती।
  • व्यापार एवं व्यवसाय पर रोक: राजस्थान सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1971 के अनुसार, कोई भी कर्मचारी बिना सरकार की पूर्व लिखित स्वीकृति के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी व्यापार या व्यवसाय में भाग नहीं ले सकता।
  • मानद एवं शैक्षणिक कार्य (Honorary Work): किसी साहित्यिक, वैज्ञानिक या धर्मार्थ संस्था में मानद पद धारण करने हेतु भी विभागाध्यक्ष (Head of Department) की पूर्वानुमति आवश्यक होती है।

5. सेवा निरंतरता एवं व्यवधान (Interruption of Service & Resignation)

  • तकनीकी त्यागपत्र (Technical Resignation): यदि कोई नियमित राज्य कर्मचारी उचित माध्यम (Proper Channel) से आवेदन करके राज्य के किसी अन्य विभाग या पद पर चयनित होता है, तो उसका त्यागपत्र "तकनीकी त्यागपत्र" माना जाता है। ऐसे में:
    • उसका पूर्व सेवा काल पेंशन (Pension Qualifying Service) हेतु मान्य रहता है।
    • उसके संचित उपार्जित अवकाश (Earned Leave) एवं अर्धवेतन अवकाश (HPL) नए पद पर स्थानांतरित कर दिए जाते हैं।
  • सेवा में व्यवधान (Break in Service): अनाधिकृत अनुपस्थिति (Unauthorized Absence) या अवैध हड़ताल में भाग लेने पर सेवा में व्यवधान माना जा सकता है, जिससे पूर्व सेवा का पेंशन लाभ प्रभावित हो सकता है, जब तक कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा व्यवधान को क्षमा (Condonation of Break) न किया जाए।

6. DDO एवं कार्यालयाध्यक्ष हेतु अनुपालन चेकलिस्ट (DDO Inspection Checklist)

नियमित सेवा प्रविष्टियों के प्रमाणीकरण के समय DDO को निम्नलिखित बिंदुओं की पुष्टि करनी चाहिए:

  • [ ] प्रथम नियुक्ति के समय प्रस्तुत स्वास्थ्य प्रमाण पत्र अधिकृत प्राधिकारी (CMHO/Board) द्वारा जारी किया गया है?
  • [ ] पुलिस सत्यापन एवं चरित्र प्रमाण पत्रों की मूल प्रतियां कार्मिक की व्यक्तिगत पत्रावली (Personal File) में सुरक्षित हैं?
  • [ ] सेवा पुस्तिका में जन्म तिथि सेकेंडरी प्रमाण पत्र से मिलाकर दर्ज की गई है तथा कोई ओवर-राइटिंग नहीं है?
  • [ ] यदि कर्मचारी अन्य विभाग में प्रतिनियुक्ति या उच्चतर पद पर गया है, तो RSR Rule 15 के तहत धारणाधिकार (Lien) संबंधी स्पष्ट टिप्पणी दर्ज है?
  • [ ] तकनीकी त्यागपत्र के प्रकरण में पूर्व सेवा का सत्यापन, सेवा पुस्तिका स्थानांतरण और अवकाश शेष का हस्तांतरण निर्धारित प्रपत्र में किया गया है?

अस्वीकरण (Disclaimer): यह मार्गदर्शिका राजस्थान सेवा नियम (RSR), 1951 के अध्याय 3 की सामान्य सेवा शर्तों का एक शैक्षणिक विश्लेषण है। किसी भी प्रशासनिक अथवा न्यायिक निर्णय हेतु कार्मिक विभाग एवं वित्त विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा जारी मूल नियमों एवं परिपत्रों (finance.rajasthan.gov.in) का ही संदर्भ लें।

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