राजस्थान MACP नियम 2024-25: क्या है नया 9, 18, 27 साल का वेतन नियम?

Jan 28, 2026
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Rajasthan MACP Scheme Rules (w.e.f. 01.04.2023): संशोधित सुनिश्चित कॅरियर प्रगति नियम, 9-18-27 वर्ष स्लैब, पे-फिक्सेशन सूत्र एवं पदोन्नति पद पे-लेवल नियम

राजस्थान सरकार के अधीन सेवारत राज्य कर्मचारियों एवं अधिकारियों को सेवाकाल में नियमित पदोन्नति के सीमित अवसरों के कारण उत्पन्न होने वाले ठहराव (Stagnation) को दूर करने और समयबद्ध वित्तीय संबल प्रदान करने हेतु पूर्ववर्ती ACP योजना को प्रतिस्थापित करते हुए परिवर्द्धित सुनिश्चित कॅरियर प्रगति योजना (Modified Assured Career Progression - MACP Scheme) लागू की गई है।

कर्मचारियों और आहरण-वितरण अधिकारियों (DDO) के मध्य अक्सर यह संशय रहता है कि राजस्थान में MACP के अंतर्गत 10-20-30 वर्ष की सेवा लागू है अथवा 9-18-27 वर्ष की, क्या MACP में केवल अगला पे-लेवल मिलता है या उसी संवर्ग में आगामी पदोन्नति पद का पे-लेवल (Pay Level of Next Promotional Post) देय होता है, यदि किसी संवर्ग में पदोन्नति का पद उपलब्ध न हो (Isolated Post) तो पे-लेवल का निर्धारण कैसे किया जाता है, तथा 01.04.2023 से वेतन निर्धारण (Pay Fixation) का विधिक सूत्र क्या है।

यह संदर्भ मार्गदर्शिका वित्त विभाग (नियम प्रभाग), राजस्थान सरकार की अधिसूचना संख्या F. 15(1)FD/Rules/2017 Pt. दिनांक 06.10.2023 [Rajasthan Civil Services (Revised Pay) (Fifth Amendment) Rules, 2023], संशोधित नियम 14, तथा 7वें वेतन आयोग के प्रावधानों के तहत MACP की पात्रता, पे-लेवल आवंटन, वेतन निर्धारण फॉर्मूले और DDO सत्यापन प्रक्रिया का संपूर्ण विधिक व वित्तीय विश्लेषण प्रस्तुत करती है।

1. विधिक आधार एवं वैधानिक ढांचा (Statutory Framework)

  • अधिसूचना संदर्भ: वित्त विभाग (नियम प्रभाग) द्वारा जारी अधिसूचना संख्या F. 15(1)FD/Rules/2017 Pt. दिनांक 06.10.2023 द्वारा राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम, 2017 के नियम 14 को पूर्णतः प्रतिस्थापित कर नवीन MACP योजना लागू की गई।
  • प्रभावी तिथि (Effective Date): यह संशोधित MACP नियम राज्य में 1 अप्रैल 2023 (01.04.2023) से प्रभावी माने गए हैं।
  • राजपत्रित अधिकारियों का समावेशन: अधिसूचना के बिंदु 3 के अनुसार पूर्ववर्ती नियम 15 (जो राजपत्रित अधिकारियों की ACP से संबंधित था) को विलोपित (Delete) कर दिया गया है। अब अधीनस्थ, मंत्रालयिक, चतुर्थ श्रेणी के साथ-साथ राजपत्रित अधिकारियों (Gazetted Officers) को भी संशोधित नियम 14 के तहत ही MACP स्वीकृत की जाती है।
  • अपवाद संवर्ग: पे-लेवल L-20 से ऊपर के पदों, डायनेमिक एसीपी (DACP) से आच्छादित चिकित्सा अधिकारियों, तथा विशिष्ट स्वायत्तशासी चयनित सेवाओं पर यह सामान्य नियम लागू नहीं होते।

2. नियमित सेवा अर्हता: 9, 18 एवं 27 वर्ष का विधिक चक्र

केंद्र सरकार की MACP (10, 20, 30 वर्ष) के विपरीत, राजस्थान सरकार द्वारा राज्य कर्मचारियों के हित में 9, 18 एवं 27 वर्ष की नियमित अर्हक सेवा का समय-चक्र ही लागू रखा गया है:

वित्तीय उन्नयन (Financial Upgradation) आवश्यक न्यूनतम नियमित सेवा अर्हक सेवा की गणना का आधार
प्रथम MACP (1st MACP) 9 वर्ष की नियमित सेवा संवर्ग के पद पर नियमित कार्यग्रहण तिथि से (नियमित प्रोबेशन काल सहित)।
द्वितीय MACP (2nd MACP) 18 वर्ष की नियमित सेवा नियमित नियुक्ति तिथि से कुल 18 वर्ष (अथवा प्रथम पदोन्नति/MACP से 9 वर्ष)।
तृतीय MACP (3rd MACP) 27 वर्ष की नियमित सेवा नियमित नियुक्ति तिथि से कुल 27 वर्ष की संतोषजनक नियमित सेवा।
  • पदोन्नति का समायोजन (Set-off with Promotions):
    • यदि किसी कर्मचारी को 9 वर्ष से पूर्व नियमित पदोन्नति मिल जाती है, तो उसकी प्रथम MACP उपभोग मानी जाएगी।
    • यदि 18 वर्ष की सेवा में कर्मचारी 2 नियमित पदोन्नतियां प्राप्त कर चुका है, तो उसे केवल 27 वर्ष पूर्ण होने पर तृतीय MACP की पात्रता बनेगी।

3. MACP पे-लेवल आवंटन का मूल सिद्धांत: "उसी संवर्ग में आगामी पदोन्नति पद का पे-लेवल"

राजस्थान की संशोधित MACP योजना (नियम 14(3)) का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें केवल अगला ग्रेड-पे/पे-लेवल नहीं दिया जाता, बल्कि समान सेवा संवर्ग (Same Service/Cadre) में अगले पदोन्नति पद (Next Promotional Post) का पे-लेवल प्रदान किया जाता है:

                       MACP पे-लेवल निर्धारण की दोहरी व्यवस्था
                                         │
        ┌────────────────────────────────┴────────────────────────────────┐
        ▼                                                                 ▼
[परिदृश्य 'A' - नियम 14(3)]                                    [परिदृश्य 'B' - नियम 14(5)]
उसी संवर्ग में पदोन्नति पद उपलब्ध होना                         आइसोलेटेड पद / पदोन्नति पद न होना / L-14 से ऊपर
             │                                                                 │
             ▼                                                                 ▼
  पदोन्नति पद का पे-लेवल देय                                      नियम 14(5) की विहित तालिका
  (उदा. L-10 से पदोन्नति L-11 या L-12)                            के अनुसार पे-लेवल आवंटन

समान सेवा/संवर्ग (Same Service/Cadre) का विधिक अर्थ:

  • समान सेवा: कर्मचारी जिस सेवा नियम (उदा. राजस्थान अधीनस्थ लेखा सेवा या राजस्थान अधीनस्थ शिक्षा सेवा) में नियुक्त हुआ है, उसी सेवा नियम में उसके पद से अगला पदोन्नति पद।
  • अपवाद (अधीनस्थ से राज्य सेवा): यदि अधीनस्थ सेवा के पद से अगला पदोन्नति पद 'राज्य सेवा' (State Service) का है, तो वह 'समान सेवा' नहीं माना जाता; ऐसे मामलों में नियम 14(5) की विहित तालिका लागू होती है।

4. नियम 14(5) की विहित पे-लेवल तालिका (Isolated Posts & Non-Promotional Cadres)

यदि किसी पद के लिए सेवा नियमों में आगामी पदोन्नति पद नहीं है, कर्मचारी के पास पदोन्नति पद की अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता नहीं है, अथवा आगामी पदोन्नति पद पे-लेवल L-14 से अधिक का है, तो नियम 14(5) के अनुसार निम्नानुसार पे-लेवल देय होता है:

वर्तमान पे-लेवल (Existing Pay Level) प्रथम MACP (9 वर्ष) पर देय पे-लेवल द्वितीय MACP (18 वर्ष) पर देय पे-लेवल तृतीय MACP (27 वर्ष) पर देय पे-लेवल
Level L-1 Level L-2 Level L-3 Level L-4
Level L-2 Level L-3 Level L-4 Level L-5
Level L-3 Level L-4 Level L-5 Level L-6
Level L-4 Level L-5 Level L-6 Level L-8
Level L-5 Level L-8 Level L-9 Level L-10
Level L-8 Level L-10 Level L-11 Level L-12
Level L-9 Level L-10 Level L-11 Level L-12
Level L-10 Level L-11 (या L-12 यदि पदोन्नति पद राजपत्रित हो) Level L-12 Level L-14
Level L-11 Level L-12 Level L-13 Level L-14
Level L-12 Level L-13 Level L-14 Level L-15

5. MACP पर वेतन निर्धारण का गणितीय सूत्र — नियम 14(8)

MACP स्वीकृत होने पर कर्मचारी का वेतन पे-मैट्रिक्स में निर्धारित करने की विधिक विधि निम्नानुसार है:

चरणबद्ध फिक्सेशन प्रक्रिया:

  1. एक नोशनल इंक्रीमेंट: कर्मचारी को उसके वर्तमान पे-लेवल में एक वेतन वृद्धि (1 Notional Increment) दी जाती है।
  2. सेल मिलान: इस प्रकार प्राप्त कल्पित मूल वेतन को MACP में स्वीकृत नवीन पे-लेवल में देखा जाता है।
  3. अगले उच्चतर सेल पर फिक्सेशन:
    1. यदि नए पे-लेवल में समान राशि का सेल उपलब्ध है, तो उसी पर वेतन फिक्स होगा।
    2. यदि समान सेल उपलब्ध नहीं है, तो नवीन पे-लेवल के ठीक अगले उच्चतर सेल (Immediate Next Higher Cell) पर वेतन फिक्स किया जाएगा।
  4. एंट्री बेसिक पे संरक्षण: यदि वर्तमान पे-लेवल में इंक्रीमेंट देने के बाद प्राप्त राशि नवीन पे-लेवल के न्यूनतम सेल (Cell-1) से कम है, तो वेतन नए पे-लेवल के न्यूनतम (Cell-1) पर फिक्स किया जाएगा।

व्यावहारिक गणना उदाहरण:

  • कर्मचारी की वर्तमान स्थिति: कनिष्ठ सहायक (Junior Assistant)
  • वर्तमान पे-लेवल: Level L-5 (मूल वेतन ₹ 25,500/-)
  • 9 वर्ष की सेवा पर स्वीकृत 1st MACP: Level L-8 (सहायक प्रशासनिक अधिकारी संवर्ग)
  • चरण 1: Level L-5 में अगला सेल (1 इंक्रीमेंट) = ₹ 26,300/-
  • चरण 2: Level L-8 में ₹ 26,300/- देखा गया (Level L-8 का न्यूनतम Cell-1 = ₹ 26,300/-)
  • स्थिर बेसिक पे: ₹ 26,300/- (Level L-8, Cell 1)

6. दो-संतान नियम एवं विभागीय जांच का विधिक प्रभाव

  1. दो-संतान प्रतिबंध (Two-Child Norm):
    1. वित्त विभाग के आदेश दिनांक 06.10.2015 के अनुसार यदि किसी कर्मचारी के 01.06.2002 को या उसके पश्चात 2 से अधिक संतान होती हैं, तो उसकी देय MACP को देय तिथि से 3 वर्ष के लिए आस्थगित (Deferred) कर दिया जाता है।
    2. यह 3 वर्ष का विलंब परवर्ती द्वितीय एवं तृतीय MACP पर भी परिणामी रूप से लागू रहता है।
  2. विभागीय जांच (CCA Rules 16/17):
    1. यदि कर्मचारी के विरुद्ध राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के तहत कोई गंभीर विभागीय जांच लंबित है, तो MACP का प्रकरण 'सील कवर' (Sealed Cover) पद्धति में रखा जाता है।
    2. परिनिन्दा (Censure) अथवा वेतन वृद्धि रोकने का दण्ड प्रभावी होने पर दण्ड अवधि के दौरान MACP का वित्तीय लाभ देय नहीं होता।

7. पदोन्नति से इनकार (Refusal of Promotion) पर प्रभाव

  • नियम 14(9): यदि किसी कर्मचारी को उसके संवर्ग में नियमित पदोन्नति का प्रस्ताव दिया जाता है और वह व्यक्तिगत कारणों से पदोन्नति का परित्याग (Refusal of Promotion) कर देता है:
    • तो वह पदोन्नति परित्याग की तिथि से MACP योजना के तहत किसी भी वित्तीय अपग्रेडेशन का हकदार नहीं रहेगा।
    • यदि उसने पूर्व में MACP का लाभ ले लिया था और बाद में नियमित पदोन्नति से इनकार करता है, तो उसका MACP पे-लेवल वापस लेते हुए पूर्व पे-लेवल पर रिवर्ट किया जा सकता है।

8. DDO एवं नियुक्ति प्राधिकारी हेतु MACP ऑडिट चेकलिस्ट (DDO Checklist)

MACP स्वीकृति कार्यालय आदेश जारी करते समय और सेवा पुस्तिका में प्रविष्टि करते समय निम्नलिखित बिंदुओं की अनिवार्य जांच करनी चाहिए:

  • क्या MACP का औपचारिक स्वीकृति आदेश पद के सक्षम नियुक्ति प्राधिकारी (Appointing Authority) द्वारा जारी किया गया है (नियम 14(7))?
  • क्या कर्मचारी की 9, 18 अथवा 27 वर्ष की नियमित अर्हक सेवा पूर्ण होने की तिथि का मिलान सेवा पुस्तिका के प्रथम कार्यग्रहण से कर लिया गया है?
  • क्या कर्मचारी ने इस सेवा अवधि के दौरान कोई अवैतनिक असाधारण अवकाश (EOL without medical) तो नहीं लिया है, जिसे अर्हक सेवा में से घटाना आवश्यक हो?
  • क्या संवर्ग में उपलब्ध पदोन्नति पद के आधार पर पे-लेवल (नियम 14(3)) अथवा आइसोलेटेड पद हेतु तालिका (नियम 14(5)) का सही चयन किया गया है?
  • क्या नियम 14(8) के अनुसार वर्तमान लेवल में 1 नोशनल इंक्रीमेंट देकर नए पे-लेवल के अगले उच्चतर सेल पर पे-फिक्सेशन किया गया है?
  • क्या 01.06.2002 के पश्चात संतानों की विधिक संख्या का शपथ पत्र एवं विभागीय जांच लंबित न होने का सतर्कता प्रमाण पत्र पत्रावली में संलग्न है?

अस्वीकरण (Disclaimer): यह मार्गदर्शिका वित्त विभाग (नियम प्रभाग), राजस्थान सरकार द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक F. 15(1)FD/Rules/2017 Pt. दिनांक 06.10.2023 [Rajasthan Civil Services (Revised Pay) (Fifth Amendment) Rules, 2023] तथा सेवा नियमों का एक विधिक व प्रशासनिक विश्लेषण है। किसी भी आधिकारिक वेतन निर्धारण अथवा विधिक विवाद की स्थिति में वित्त विभाग के मूल परिपत्रों (finance.rajasthan.gov.in) को ही वैधानिक आधार माना जाए।

 

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