House Rent Allowance

Jan 28, 2026
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Rajasthan House Rent Allowance Rules (RSR Appendix IX): मकान किराया भत्ता नियम, संशोधित दरें, पात्रता, अवकाश/निलंबन में आहरण एवं DDO ऑडिट गाइड

राजस्थान सरकार के कार्यक्षेत्र में कार्यरत प्रत्येक नियमित राज्य कर्मचारी एवं अधिकारी को पदस्थापन मुख्यालय पर आवासीय आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु मासिक वेतन के साथ मकान किराया भत्ता (House Rent Allowance - HRA) एक क्षतिपूरक भत्ते (Compensatory Allowance) के रूप में प्रदान किया जाता है।

प्रायः कर्मचारियों और कार्यालयाध्यक्षों (DDO) के मध्य यह संशय रहता है कि RSR Appendix-IX के तहत HRA की विधिक प्रकृति क्या है, 7वें वेतन आयोग (RCS Revised Pay Rules 2017) में शहरों का पुनर्वर्गीकरण कैसे किया गया है, महंगाई भत्ता (DA) 50% पार होने पर 10% और 20% की नई दरें कब से प्रभावी होती हैं, उपार्जित अवकाश (PL), मातृत्व अवकाश, अथवा निलंबन (Suspension) काल में HRA का आहरण किस सीमा तक किया जा सकता है, तथा पति-पत्नी दोनों के सरकारी सेवा में होने पर नवीनतम नियम क्या हैं।

यह संदर्भ मार्गदर्शिका राजस्थान सेवा नियम (RSR), 1951 के परिशिष्ट-9 (Appendix IX), वित्त विभाग (नियम प्रभाग) के आदेशों और 7वें वेतन आयोग के नवीनतम संशोधनों के अनुसार HRA की वैधानिक शर्तों, दरों, अपवादों और DDO सत्यापन प्रक्रिया का संपूर्ण प्रशासनिक व विधिक विश्लेषण प्रस्तुत करती है।

1. विधिक आधार एवं क्षतिपूरक स्वरूप (Statutory Framework)

  • RSR नियम 7(6) एवं परिशिष्ट-9 (Appendix IX): मकान किराया भत्ता RSR नियम 7(6) के तहत एक "क्षतिपूरक भत्ता" (Compensatory Allowance) है। इसका उद्देश्य कर्मचारी को उस स्टेशन पर रहने के लिए होने वाले अतिरिक्त व्यक्तिगत आवासीय व्यय की आंशिक प्रतिपूर्ति करना है।
  • वेतन का अंग नहीं (Not Part of Basic Pay): HRA कर्मचारी के मूल वेतन का हिस्सा नहीं होता है; अतः पेंशन गणना, उपदान (Gratuity), अथवा उपार्जित अवकाश समर्पण (PL Encashment) की गणना में HRA को शामिल नहीं किया जाता।
  • अधिकार के रूप में दावा नहीं: यदि कर्मचारी को राज्य सरकार अथवा स्थानीय निकाय द्वारा उसके पद के अनुरूप सरकारी आवास (Government Accommodation) उपलब्ध कराया गया है, तो वह HRA का दावा विधिक रूप से नहीं कर सकता।

2. शहरों का वर्गीकरण एवं HRA की प्रचलित दरें (City Slabs & Rates)

राजस्थान सरकार के वित्त विभाग द्वारा 7वें वेतन आयोग (RCS Revised Pay Rules 2017) के अंतर्गत राज्य के समस्त पदस्थापन स्टेशनों को दो विशिष्ट श्रेणियों में विभक्त किया गया है:

शहर की श्रेणी (Category) शामिल क्षेत्र / नगर निकाय आधार HRA दर (Base Rate) DA 50% पार होने पर संशोधित HRA दर
'Y' श्रेणी शहर (5 प्रमुख नगर निगम क्षेत्र) जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर एवं बीकानेर (संबंधित नगर निगम/विकास प्राधिकरण की निर्धारित शहरी सीमा के भीतर) 18% of Basic Pay 20% of Basic Pay
'Z' श्रेणी क्षेत्र (शेष समस्त राजस्थान) उपरोक्त 5 शहरों को छोड़कर राज्य के अन्य सभी जिला मुख्यालय, कस्बे, तहसीलें एवं ग्रामीण ग्राम पंचायत क्षेत्र 9% of Basic Pay 10% of Basic Pay

DA 50% होने पर स्वतः वृद्धि का विधिक नियम:

  • वित्त विभाग की अधिसूचना संख्या F. 12(6)FD/Rules/2017 दिनांक 30.10.2017 के अनुसार, जब भी राज्य कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) 50% या उससे अधिक होता है, तो HRA की दरों में स्वतः संशोधन का नियम प्रभावी हो जाता है:
    • 'Y' श्रेणी शहरों हेतु दर 18% से बढ़कर 20% हो जाती है।
    • 'Z' श्रेणी क्षेत्रों हेतु दर 9% से बढ़कर 10% हो जाती है।
  • गणना का आधार: HRA की गणना केवल कर्मचारी के पे-मैट्रिक्स मूल वेतन (Basic Pay) पर की जाती है। इसमें विशेष वेतन (Special Pay) अथवा व्यक्तिगत वेतन (Personal Pay) को तब तक नहीं जोड़ा जाता जब तक कि वित्त विभाग के विशिष्ट आदेश न हों।

3. विभिन्न सेवा परिस्थितियों में HRA की देयता (Admissibility During Leaves & Suspension)

RSR परिशिष्ट-9 के अनुसार विभिन्न प्रकार के अवकाश, निलंबन और प्रशिक्षण के दौरान HRA के आहरण के विधिक नियम निम्नानुसार हैं:

                          विभिन्न परिस्थितियों में HRA आहरण नियम
                                            │
         ┌──────────────────────────────────┼──────────────────────────────────┐
         ▼                                  ▼                                  ▼
    [अवकाश काल]                        [निलंबन काल]                       [प्रशिक्षण / टूर]
   (During Leaves)                   (Under Suspension)                  (Training / Tour)
PL/HPL/मातृत्व अवकाश               जीवन निर्वाह भत्ते के साथ              मुख्यालय परिवर्तन न होने पर
प्रथम 180 दिन तक पूर्ण देय         प्रारंभिक दर पर निरंतर देय            निरंतर पूर्ण HRA देय

A. अवकाश के दौरान (During Leave - PL, HPL, Maternity Leave):

  • किसी भी सवेतन अवकाश (जैसे उपार्जित अवकाश, अर्धवेतन अवकाश, मातृत्व अवकाश, अथवा रूपांतरित अवकाश) के दौरान कर्मचारी को अवकाश पर जाने से पूर्व जिस दर पर HRA मिल रहा था, वह अवकाश के प्रथम 180 दिवस (6 माह) तक निरंतर देय होता है।
  • 180 दिन से अधिक का अवकाश: यदि अवकाश 180 दिन से अधिक का होता है, तो 180 दिन के बाद HRA प्राप्त करने हेतु सक्षम प्राधिकारी (विभागाध्यक्ष/प्रशासनिक विभाग) से विशिष्ट निरंतरता स्वीकृति (Continuance Certificate) प्राप्त करना अनिवार्य होता है।
  • असाधारण अवकाश (EOL Without Pay): बिना वेतन के अवैतनिक अवकाश (EOL) की अवधि के दौरान कोई HRA देय नहीं होता।

B. निलंबन के दौरान (During Suspension - RSR Rule 53):

  • यदि किसी कर्मचारी को निलंबित (Suspend) कर दिया जाता है, तो निलंबन काल के दौरान उसे मिलने वाले जीवन निर्वाह भत्ते (Subsistence Allowance) के साथ-साथ मकान किराया भत्ता (HRA) भी नियमित रूप से देय होता है।
  • निलंबन के दौरान HRA की गणना निलंबन से पूर्व आहरित किए जा रहे मूल वेतन के आधार पर ही की जाती है (बशर्ते कर्मचारी उसी मुख्यालय पर निवास कर रहा हो)।

C. अनिवार्य प्रशिक्षण एवं पदस्थापन प्रतीक्षा (Training & APO Period):

  • यदि कर्मचारी को किसी अनिवार्य विभागीय प्रशिक्षण (Compulsory Training) में भेजा जाता है, अथवा वह पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा (Awaiting Posting Orders - APO) में मुख्यालय पर उपस्थिति दे रहा है, तो उसे नियमानुसार पूर्ण HRA देय होता है।

4. पति-पत्नी दोनों के सरकारी सेवा में होने पर विधिक स्थिति (Spouse Guidelines)

यदि पति और पत्नी दोनों राज्य सरकार, केंद्र सरकार, पीएसयू, बैंक अथवा पंचायती राज संस्थाओं में सेवारत हैं:

  1. निजी अथवा किराए के मकान में साथ रहने पर:
    • 7वें वेतन आयोग के वर्तमान नियमों के तहत यदि पति और पत्नी दोनों एक ही स्टेशन पर पदस्थापित हैं और किसी निजी या किराए के मकान में एक साथ रहते हैं, तो दोनों अपने-अपने मूल वेतन पर पूर्ण HRA आहरित करने के विधिक रूप से पात्र हैं।
  2. सरकारी आवास की स्थिति:
    • यदि पति अथवा पत्नी में से किसी एक को भी सरकार, नगर निगम, बोर्ड अथवा किसी सार्वजनिक उपक्रम द्वारा कोई सरकारी आवास आवंटित किया गया है, तो दोनों में से किसी को भी मकान किराया भत्ता (HRA) देय नहीं होगा।
  3. अलग-अलग स्टेशनों पर पदस्थापन:
    • यदि पति और पत्नी अलग-अलग स्टेशनों/मुख्यालयों पर पदस्थापित हैं और अलग-अलग रहते हैं, तो दोनों अपने-अपने पदस्थापन शहर की श्रेणी ('Y' अथवा 'Z') के अनुसार HRA प्राप्त करेंगे।

5. स्वयं का मकान, पैतृक आवास एवं 8 किमी की परिधि का नियम

  • किराया रसीद से पूर्ण छूट: RSR परिशिष्ट-9 के अनुसार राज्य कर्मचारी को HRA प्राप्त करने के लिए किसी मकान मालिक से किराया रसीद (Rent Receipt) अथवा रेंट एग्रीमेंट प्रस्तुत करने की बाध्यता नहीं है।
  • स्वयं अथवा माता-पिता के मकान में निवास: यदि कर्मचारी अपने स्वयं के स्वामित्व वाले मकान, अपनी पत्नी/पति के मकान, अथवा माता-पिता/परिवार के पैतृक मकान में निवास करता है, तब भी वह निर्धारित दर पर पूर्ण HRA पाने का विधिक हकदार है।
  • मुख्यालय से दूरी (The 8 KM Rule):
    • यदि कर्मचारी का आवास उसके कार्यालय/मुख्यालय की नगरपालिका सीमा से बाहर 8 किलोमीटर की परिधि में स्थित है, परंतु वह प्रतिदिन अपने पदस्थापन स्थान पर आता-जाता है, तो उसे उसके कार्यालय स्टेशन की दर के अनुसार ही HRA स्वीकृत किया जाता है।

6. किराए-मुक्त आवास (Rent-Free Accommodation) के विशेष नियम

कुछ विशिष्ट पदों—जैसे जेल अधीक्षक, पुलिस थानाधिकारी, हॉस्टल वार्डन, अथवा अस्पताल परिसर के आपातकालीन चिकित्सा स्टाफ—के लिए सेवा नियमों में "किराए-मुक्त आवास" (Rent-Free Accommodation) का प्रावधान होता है:

  • यदि ऐसा आवास उपलब्ध है, तो कर्मचारी को परिसर में रहना अनिवार्य होता है और उसे अलग से कोई HRA नहीं मिलता।
  • यदि विभाग द्वारा निर्धारित किराए-मुक्त आवास उपलब्ध नहीं कराया जा पाता है, तो कर्मचारी को उसके नियमित HRA के अतिरिक्त सेवा संवर्ग नियमों के अनुसार निर्धारित विशेष क्षतिपूर्ति भत्ता देय हो सकता है।

7. DDO एवं कार्यालयाध्यक्ष हेतु वार्षिक HRA ऑडिट चेकलिस्ट (DDO Checklist)

वेतन बिलों (Pay Bills / PayManager / IFMS 3.0) में HRA पारित करते समय DDO को निम्नलिखित विधिक बिंदुओं का परीक्षण करना चाहिए:

  • क्या कर्मचारी का पदस्थापन स्थान सही श्रेणी ('Y' - जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर अथवा 'Z' - शेष राजस्थान) में मैप किया गया है?
  • क्या HRA की गणना केवल पे-मैट्रिक्स मूल वेतन (Basic Pay) पर की गई है (DA या अन्य भत्तों को जोड़कर तो नहीं की गई)?
  • क्या कर्मचारी से प्रत्येक वित्तीय वर्ष के प्रारंभ में निर्धारित प्रारूप में वार्षिक HRA प्रमाण पत्र (Annual Non-Accommodation Certificate) प्राप्त कर लिया गया है कि उसे कोई सरकारी क्वार्टर आवंटित नहीं है?
  • यदि कर्मचारी के जीवनसाथी (Spouse) को सरकारी आवास आवंटित है, तो क्या सुनिश्चित किया गया है कि कर्मचारी का HRA शून्य (Zero) रखा गया है?
  • क्या 180 दिन से अधिक के अवकाश पर चल रहे कार्मिक के मामले में सक्षम प्राधिकारी का HRA निरंतरता आदेश संलग्न है?
  • स्थानांतरण की स्थिति में अंतिम वेतन प्रमाण पत्र (LPC - Form GA-139) में HRA आहरण की अंतिम तिथि, आहरित दर और शहर की श्रेणी स्पष्ट रूप से अंकित है?

अस्वीकरण (Disclaimer): यह मार्गदर्शिका राजस्थान सेवा नियम (RSR), 1951 के परिशिष्ट-9 तथा वित्त विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा समय-समय पर जारी परिपत्रों का एक विधिक व प्रशासनिक सार-संक्षेप है। किसी भी आधिकारिक वित्तीय आहरण अथवा विधिक दावे के संदर्भ में वित्त विभाग के मूल सेवा नियमों एवं परिपत्रों (finance.rajasthan.gov.in) को ही वैधानिक आधार माना जाए।

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