GPA Policy 2026-27: समूह व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा नए नियम और प्रीमियम स्लैब

Mar 11, 2026
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Rajasthan GPA Policy 2026-27 Rules: समूह व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना, प्रीमियम स्लैब, प्रो-रेटा गणना एवं क्लेम प्रक्रिया

राजस्थान सरकार के अधीन सेवारत समस्त राज्य कर्मचारियों, अधिकारियों, पुलिस कर्मियों, पंचायती राज एवं स्वायत्तशासी संस्थाओं के कार्मिकों को आकस्मिक दुर्घटनाओं के फलस्वरूप होने वाली शारीरिक क्षति अथवा असामयिक मृत्यु के विरुद्ध वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने हेतु समूह व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना (Group Personal Accident - GPA Policy) प्रतिवर्ष संचालित की जाती है।

कर्मचारियों एवं आहरण-वितरण अधिकारियों (DDO) के मध्य अक्सर यह संशय रहता है कि जीपीए पॉलिसी का बीमा चक्र (Policy Period) कब से कब तक रहता है, अप्रैल माह के वेतन से प्रीमियम कटौती के विकल्प क्या हैं, यदि कोई कार्मिक वर्ष के मध्य में सीधी भर्ती से प्रोबेशनर-ट्रेनी के रूप में नियुक्त होता है तो उसका प्रो-रेटा प्रीमियम (Pro-rata Premium) किस सूत्र से निकाला जाता है, तथा दुर्घटना घटित होने पर SIPF पोर्टल पर ऑनलाइन क्लेम प्रस्तुत करने की विधिक समय-सीमा और प्रक्रिया क्या है।

यह संदर्भ मार्गदर्शिका वित्त विभाग (नियम प्रभाग), राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग (SIPF) के साधारण बीमा निधि (GIF) द्वारा जारी आधिकारिक परिपत्रों के अनुसार GPA Policy के नियमों, प्रीमियम स्लैब्स, कटौती प्रक्रिया और DDO सत्यापन नियमों का संपूर्ण विधिक व प्रशासनिक विश्लेषण प्रस्तुत करती है।

1. विधिक आधार एवं पॉलिसी संचालन तंत्र (Statutory Framework)

  • पॉलिसी संचालक: इस योजना का संचालन वित्त विभाग के अधीन निदेशालय, राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग (SIPF) के अंतर्गत स्थापित साधारण बीमा निधि (General Insurance Fund - GIF) द्वारा किया जाता है।
  • पॉलिसी की प्रभावी अवधि (Policy Tenure): जीपीए पॉलिसी का चक्र हमेशा 1 मई से प्रारंभ होकर आगामी वर्ष के 30 अप्रैल तक (पूर्ण 1 वर्ष) प्रभावी रहता है।
  • कटौती माह (Deduction Cycle): योजना का वार्षिक प्रीमियम प्रत्येक वर्ष के माह अप्रैल के वेतन से (जो मई में देय होता है — "अप्रैल देय मई") काटा जाता है।
  • बजट शीर्ष (Budget Head): GPA प्रीमियम कटौती की राशि राज्य के लोक लेखा बजट शीर्ष 8011-00-107-01-00 (राज्य कर्मचारी व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना) में जमा की जाती है।
  • बीमा अधिनियम 1938 की धारा 64-VB की अनिवार्यता:
    • बीमा विधि के अनुसार जोखिम प्रारंभ होने से पूर्व प्रीमियम का सरकारी खाते में अग्रिम जमा (Advance Deposit) होना विधिक रूप से अनिवार्य है।
    • यदि किसी कर्मचारी का प्रीमियम दुर्घटना घटित होने से पूर्व जमा नहीं हुआ है, तो विभाग द्वारा क्लेम देय नहीं होता।

2. GPA प्रीमियम एवं बीमित राशि स्लैब तालिका (Sum Assured & Slabs)

वित्त विभाग द्वारा राज्य कर्मचारियों को अपनी इच्छानुसार जोखिम कवरेज का चयन करने के लिए विभिन्न प्रीमियम स्लैब निर्धारित किए गए हैं:

विकल्प / श्रेणी (Category) कुल बीमित राशि (Sum Assured) कार्मिक के वेतन से कटौती (Employee Share) राज्य सरकार द्वारा वहन राशि (State Share)
श्रेणी 1 (Category-1) ₹ 5.00 लाख से ₹ 10.00 लाख ₹ 700/- सरकार द्वारा देय अंशदान के अनुसार
श्रेणी 2 (Category-2) ₹ 20.00 लाख ₹ 1,400/- शेष निर्धारित व्यवस्था के अधीन
श्रेणी 3 (Category-3) ₹ 30.00 लाख ₹ 2,100/- अधिकतम बीमा सुरक्षा विकल्प
  • स्वैच्छिक विकल्प: प्रत्येक कर्मचारी अपनी SSO ID से SIPF पोर्टल पर जाकर अपनी पसंद के प्रीमियम स्लैब (₹700, ₹1400 अथवा ₹2100) का ऑनलाइन चयन कर GPA Proposal Form सबमिट करता है।
  • डिफ़ॉल्ट कटौती नियम: यदि कोई कार्मिक निर्धारित तिथि तक पोर्टल पर अपना विकल्प पत्र प्रस्तुत नहीं करता है, तो DDO द्वारा नियमानुसार आधार स्लैब की कटौती सुनिश्चित की जाती है।
  • पुलिस विभाग के वर्दीधारी कार्मिक: पुलिस एवं सशस्त्र बलों के वर्दीधारी कार्मिकों के संबंध में राज्य सरकार द्वारा प्रीमियम वहन करने के विशेष आदेश अलग से प्रभावी होते हैं।

3. वर्ष के मध्य नियुक्त नवनियुक्त कार्मिकों एवं प्रोबेशनर हेतु प्रो-रेटा नियम (Pro-rata Calculation)

यदि किसी कर्मचारी की नियुक्ति 1 मई के बाद वर्ष के किसी अन्य महीने में होती है, तो उसके प्रथम वेतन बिल से पूरे वर्ष का प्रीमियम नहीं काटा जाता, बल्कि IRDAI एवं वित्त विभाग के नियमानुसार प्रो-रेटा (आनुपातिक) प्रीमियम लिया जाता है।

प्रो-रेटा प्रीमियम गणना सूत्र (Pro-rata Formula):

Pro-rata Premium = (वार्षिक प्रीमियम (चुनी गई श्रेणी)} x कार्यभार ग्रहण तिथि से 30 अप्रैल तक के शेष दिनों की संख्या) / 365

व्यावहारिक गणना उदाहरण (Worked Example):

  • नियुक्ति तिथि: 1 नवंबर 2026
  • प्रीमियम श्रेणी का चयन: ₹ 2,100/- (बीमित राशि ₹ 30 लाख)
  • 1 नवंबर से 30 अप्रैल 2027 तक शेष दिन: 181 दिन

देय प्रो-रेटा प्रीमियम = (2,100 x 181) / 365 = ₹ 1,041.37 approx ₹ 1,041/-

यह राशि कर्मचारी के प्रथम वेतन बिल (PayManager / IFMS 3.0) से काटकर साधारण बीमा निधि में जमा कराई जाएगी।

4. बीमित जोखिम एवं क्षतिपूर्ति का पैमाना (Coverage Scale)

दुर्घटना के फलस्वरूप होने वाली शारीरिक क्षति के आधार पर साधारण बीमा निधि द्वारा निम्नलिखित अनुपात में क्लेम राशि स्वीकृत की जाती है:

दुर्घटना के फलस्वरूप शारीरिक क्षति की प्रकृति देय बीमाधन का प्रतिशत (% of Sum Assured)
दुर्घटना में बीमित कार्मिक की मृत्यु (Accidental Death) 100% (पूर्ण बीमित राशि)
दोनों आँखों, दोनों हाथों अथवा दोनों पैरों की पूर्ण स्थायी क्षति 100%
एक आँख तथा एक हाथ अथवा एक पैर की पूर्ण स्थायी क्षति 100%
एक आँख अथवा एक अंग (हाथ या पैर) की पूर्ण स्थायी क्षति 50%
स्थायी पूर्ण अपंगता (Permanent Total Disablement) 100%

नोट: सामान्य बीमारी से होने वाली मृत्यु, प्राकृतिक मृत्यु, अथवा आत्महत्या (Suicide) की स्थिति में GPA Policy के तहत कोई लाभ देय नहीं होता है।

5. ऑनलाइन GPA Proposal भरने की प्रक्रिया (SSO Workflow)

प्रत्येक वित्तीय वर्ष के मार्च-अप्रैल माह में प्रत्येक कर्मचारी को निम्नलिखित चरणों में प्रस्ताव पत्र भरना अनिवार्य होता है:

[कर्मचारी द्वारा SSO पोर्टल (sso.rajasthan.gov.in) पर लॉगिन करना]
                                │
                                ▼
[SIPF न्यू पोर्टल (State Insurance & Provident Fund) आइकन का चयन]
                                │
                                ▼
['GPA' मॉड्यूल पर क्लिक कर 'Add New GPA Proposal' का चयन]
                                │
                                ▼
[व्यक्तिगत डेटा, मोबाइल नंबर एवं जन आधार से लिंक नॉमिनी (Nominee) विवरण की जांच]
                                │
                                ▼
[वांछित प्रीमियम श्रेणी (₹700 / ₹1400 / ₹2100) का ड्रॉप-डाउन से चयन]
                                │
                                ▼
[आधार ओटीपी (Aadhaar OTP) के माध्यम से ई-साइन (e-Sign) कर सबमिट करना]
                                │
                                ▼
[डाउनलोड किए गए प्रस्ताव पत्र की प्रति कार्यालयाध्यक्ष (DDO) को वेतन बिल में मैपिंग हेतु प्रेषित करना]

6. दुर्घटना घटित होने पर क्लेम प्रस्तुत करने की विधिक प्रक्रिया (Claim Settlement)

यदि दुर्भाग्यवश किसी बीमित कर्मचारी के साथ कोई दुर्घटना घटित हो जाती है:

  1. दुर्घटना की सूचना (Intimation within 21-30 Days): दुर्घटना घटित होने अथवा मृत्यु होने के अधिकतम 21 से 30 दिवस के भीतर SIPF पोर्टल पर ऑनलाइन क्लेम इंटिमेशन दर्ज करना अनिवार्य है।
  2. ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन: आश्रित नॉमिनी द्वारा SSO ID के माध्यम से जीपीए क्लेम मॉड्यूल में कर्मचारी आईडी दर्ज कर आवेदन किया जाता है।
  3. अनिवार्य संलग्न दस्तावेज:
    1. प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) की प्रमाणित प्रति।
    2. दुर्घटना स्थल का मौका पंचनामा।
    3. पोस्टमार्टम रिपोर्ट (मृत्यु के मामले में) अथवा मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी स्थायी दिव्यांगता प्रमाण पत्र।
    4. मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)।
    5. DDO द्वारा जारी वेतन कटौती प्रमाण पत्र एवं चालान प्रति (जिससे सिद्ध हो कि प्रीमियम 30 अप्रैल से पूर्व जमा हो चुका था)।
  4. अपील प्राधिकारी: अतिरिक्त निदेशक (साधारण बीमा निधि) द्वारा क्लेम निस्तारण में विवाद होने पर निदेशक, SIPF के समक्ष अपील प्रस्तुत की जा सकती है।

7. DDO एवं आहरण संवितरण अधिकारी हेतु ऑडिट चेकलिस्ट (DDO Inspection Checklist)

अप्रैल माह के वेतन बिल (देय मई) तैयार करते समय DDO को निम्नलिखित जांच अवश्य करनी चाहिए:

  • क्या कार्यालय के समस्त कर्मचारियों (प्रोबेशनर सहित) से ऑनलाइन GPA Proposal भरवाकर प्रीमियम विकल्प प्राप्त कर लिया गया है?
  • क्या वेतन बिल में GPA प्रीमियम की कटौती सही बजट शीर्ष 8011-00-107-01-00 में शेड्यूल की गई है?
  • यदि किसी कार्मिक का अप्रैल माह का वेतन किसी कारणवश आहरित नहीं हो रहा है (जैसे अवकाश/APO), तो क्या उसने ई-ग्रास (e-GRAS) चालान के माध्यम से 31 मई से पूर्व व्यक्तिगत रूप से प्रीमियम जमा करवा दिया है?
  • जो कर्मचारी 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो रहे हैं, क्या उनके वेतन से जीपीए प्रीमियम की कटौती रोक दी गई है (क्योंकि वे 1 मई से प्रभावी होने वाली पॉलिसी में कवर नहीं होते)?
  • वर्ष के मध्य कार्यग्रहण करने वाले नए कार्मिकों के प्रथम वेतन बिल से प्रो-रेटा आधार पर सही दिनों का प्रीमियम काटा गया है?

अस्वीकरण (Disclaimer): यह मार्गदर्शिका वित्त विभाग एवं साधारण बीमा निधि (SIPF), राजस्थान सरकार द्वारा समय-समय पर जारी परिपत्रों का एक विधिक व प्रशासनिक सार-संक्षेप है। किसी भी आधिकारिक वित्तीय कटौती, क्लेम विवाद अथवा न्यायिक दावे के संदर्भ में वित्त विभाग एवं SIPF निदेशालय के मूल नियमों (sipf.rajasthan.gov.in / finance.rajasthan.gov.in) को ही वैधानिक आधार माना जाए।

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