PwBD Notional Promotion Rules 2025: DoPT OM Details & Benefits

Aug 22, 2026
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Table of Contents

DoPT OM on Notional Promotion for PwBD (w.e.f. 30.06.2016): दिव्यांग कार्मिकों हेतु पदोन्नति में आरक्षण, अधिसंख्य पद (Supernumerary Posts) एवं सेवा नियम

केंद्र एवं राज्य सरकारों के अधीन सेवारत बेंचमार्क दिव्यांगता वाले कार्मिकों (Persons with Benchmark Disabilities - PwBDs) के सेवा अधिकारों एवं कॅरियर प्रगति हेतु पदोन्नति में आरक्षण (Reservation in Promotion) तथा 30.06.2016 से काल्पनिक/नोशनल पदोन्नति (Notional Promotion) का विधिक क्रियान्वयन एक ऐतिहासिक प्रशासनिक सुधार है।

विभागीय पदोन्नति समितियों (DPC), प्रशासनिक अधिकारियों और दिव्यांग कर्मचारियों के मध्य अक्सर यह संशय रहता है कि क्या 30.06.2016 से मिलने वाली पदोन्नति का वास्तविक बकाया एरियर (Back Wages/Arrears) मिलेगा, क्या इसके लिए सामान्य वर्ग के पहले से पदोन्नत कार्मिकों को पदावनत (Demote) किया जाएगा, अधिसंख्य पदों (Supernumerary Posts) का सृजन किस प्रकार होता है, तथा 4% आरक्षण का 100-पॉइंट रोस्टर कैसे संचालित होता है।

यह विस्तृत संदर्भ गाइड DoPT के ऐतिहासिक कार्यालय ज्ञापन (OM No. 36012/1/2020-Estt.(Res-II) दिनांक 28.12.2023 एवं 17.05.2022), सर्वोच्च न्यायालय के न्यायिक आदेशों, और सेवा नियमों के तहत PwBD नोशनल प्रमोशन, वेतन निर्धारण और वरिष्ठता निर्धारण का संपूर्ण विधिक व तकनीकी विश्लेषण प्रस्तुत करती है।

1. विधिक पृष्ठभूमि एवं सर्वोच्च न्यायालय के मील के पत्थर (Judicial Milestones)

पदोन्नति में दिव्यांग आरक्षण का अधिकार लंबे न्यायिक संघर्ष के बाद वैधानिक रूप से स्थापित हुआ है:

  • राजीव कुमार गुप्ता बनाम भारत संघ (30.06.2016): माननीय उच्चतम न्यायालय ने रिट याचिका (सिविल) संख्या 521/2008 में स्पष्ट आदेश दिया कि दिव्यांग अधिनियम, 1995 की धारा 33 के तहत ग्रुप 'A' और 'B' सहित सभी चिन्हित (Identified) पदों पर पदोन्नति में न्यूनतम 3% आरक्षण देना सरकार का वैधानिक दायित्व है, भले ही भर्ती का तरीका कोई भी हो।
  • सिद्धराजू बनाम कर्नाटक राज्य (14.01.2020 व 28.09.2021): उच्चतम न्यायालय ने इंद्रा साहनी मामले के सामान्य प्रतिबंध को दरकिनार करते हुए व्यवस्था दी कि राजीव कुमार गुप्ता निर्णय बाध्यकारी है तथा केंद्र व राज्य सरकारें दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 34 के तहत पदोन्नति में आरक्षण के निर्देश जारी करें।
  • एस. एस. सुंदरम बनाम विवेक जॉन (अवमानना याचिका दिनांक 18.07.2023): न्यायालय के कड़े रुख के बाद DoPT ने अंततः 28 दिसंबर 2023 को विस्तृत निर्देश जारी कर 30 जून 2016 से नोशनल पदोन्नति का लाभ देना अनिवार्य किया।

2. DoPT OM दिनांक 28.12.2023 के प्रमुख विधिक प्रावधान (Key Operative Rules)

विधिक बिंदु (Parameter) DoPT निर्देश / विधिक स्थिति प्रशासनिक प्रभाव (Administrative Impact)
प्रभावी तिथि (Effective Date) 30.06.2016 से काल्पनिक (Notional) 30.06.2016 से 16.05.2022 के मध्य अर्हक सेवा पूर्ण करने वाले सभी पात्र PwBD कार्मिकों को नोशनल पदोन्नति देय।
वित्तीय एरियर (Financial Arrears) नो वर्क, नो पे (No Financial Arrears) 30.06.2016 से वास्तविक पदभार ग्रहण करने की तिथि तक का कोई वित्तीय एरियर नहीं मिलेगा। केवल काल्पनिक वेतन वृद्धि व पे-फिक्सेशन होगा।
अधिसंख्य पद (Supernumerary Posts) विशेष पदों का सृजन अनिवार्य यदि पूर्व वर्षों में नियमित रिक्तियां उपलब्ध नहीं हैं, तो वित्त विभाग की सहमति से व्यक्तिगत अधिसंख्य पदों का सृजन किया जाएगा।
संवर्ग दायरा (Cadre Coverage) Group 'A' के सबसे निचले पायदान तक Group 'D', Group 'C', Group 'B' तथा Group 'A' के प्रारंभिक/निम्नतम स्तर (Lowest Rung of Group 'A') तक लागू।
सीधी भर्ती का अनुपात (DR Element) अधिकतम 75% तक पदोन्नति में आरक्षण उन्हीं संवर्गों में लागू होगा जहाँ सीधी भर्ती का तत्व 75% से अधिक न हो।

3. नोशनल पदोन्नति की व्यवस्था: 30.06.2016 से वास्तविक कार्यभार तक

DoPT OM के अनुसार 30.06.2016 से 16.05.2022 के बीच की अवधि के लिए पदोन्नति का निर्धारण निम्नानुसार होता है:

  1. काल्पनिक वेतन निर्धारण (Notional Pay Fixation):
    1. कर्मचारी को उस रिक्ति वर्ष (Vacancy Year) की चयन सूची के अनुसार पदोन्नति तिथि से उच्च पे-लेवल में काल्पनिक रूप से वेतन निर्धारित (Fix) किया जाता है।
    2. इस दौरान पड़ने वाली नियमित वार्षिक वेतन वृद्धियों (1 जुलाई) को नोशनल आधार पर जोड़ा जाता है।
  2. वास्तविक वित्तीय लाभ (Actual Monetary Benefit):
    1. वास्तविक नकद वेतन भुगतान केवल उस तिथि से प्रारंभ होता है जिस दिन कर्मचारी उच्च पद का वास्तविक कार्यभार (Actual Assumption of Charge) ग्रहण करता है।
  3. पेंशन एवं ग्रेच्युटी पर प्रभाव (Retirement Benefits):
    1. जो PwBD कार्मिक 30.06.2016 के बाद और आदेश जारी होने से पूर्व सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उन्हें भी नोशनल आधार पर संशोधित अंतिम वेतन (Revised Last Pay Drawn) का लाभ देते हुए उनकी पेंशन एवं ग्रेच्युटी का पुनर्गणना (Revision of Pension) किया जाएगा।

4. अधिसंख्य पद (Supernumerary Post) का विधिक तंत्र

सामान्य वर्ग के कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा और प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने के लिए DoPT ने अधिसंख्य पदों की व्यवस्था दी है:

[पात्र PwBD कार्मिक की 30.06.2016 के बाद की पात्रता का निर्धारण]
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[विभागीय DPC द्वारा रिव्यू बैठक: पूर्व वर्ष की रिक्ति में समायोजन का प्रयास]
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[नियमित रिक्ति उपलब्ध होना]                   [नियमित रिक्ति उपलब्ध न होना]
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[नियमित पद पर पदोन्नति]                     [मंत्रालय द्वारा अधिसंख्य पद (Supernumerary]
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                                            [सक्षम स्तर (व्यय विभाग/वित्त) से स्वीकृति]
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                                            [कार्मिक की सेवानिवृत्ति/आगामी नियमित रिक्ति]
                                            [में समाहित होने पर पद स्वतः समाप्त]
  • पूर्व पदोन्नत कार्मिकों का संरक्षण: किसी भी पूर्व में पदोन्नत हो चुके सामान्य या अन्य श्रेणी के कर्मचारी को रिवर्ट (Revert/Demote) नहीं किया जाएगा। PwBD कार्मिक को व्यक्तिगत अधिसंख्य पद पर समायोजित कर वरिष्ठता दी जाएगी।

5. आरक्षण प्रतिशत एवं 100-बिंदु रोस्टर संचालन (4% Roster Rules)

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत पदोन्नति में कुल 4% आरक्षण देय है, जिसे 100-बिंदु रिक्ति आधारित रोस्टर (Vacancy-based Roster) में 4 ब्लॉकों में विभक्त किया गया है:

ब्लॉक संख्या (Block) 100-बिंदु रोस्टर बिंदु आरक्षित दिव्यांगता श्रेणी (Disability Category)
प्रथम ब्लॉक (1st Block) बिंदु 1 से 25 (a) अंधता और निम्न दृष्टि (Blindness and Low Vision)
द्वितीय ब्लॉक (2nd Block) बिंदु 26 से 50 (b) बहरे और सुनने में कठिनाई (Deaf and Hard of Hearing)
तृतीय ब्लॉक (3rd Block) बिंदु 51 से 75 (c) चलन दिव्यांगता, सेरेब्रल पाल्सी, कुष्ठ रोग मुक्त, बौनापन, एसिड अटैक पीड़ित आदि
चतुर्थ ब्लॉक (4th Block) बिंदु 76 से 100 (d) ऑटिज्म, बौद्धिक दिव्यांगता, विशिष्ट सीखने की दिव्यांगता, मानसिक बीमारी एवं (e) बहु-दिव्यांगता
  • चिन्हित पद की अनिवार्यता: पदोन्नति आरक्षण संवर्ग के संपूर्ण कैडर में कुल रिक्तियों के 4% के आधार पर निकाला जाता है, परंतु पदस्थापन केवल उन्हीं पदों पर किया जाता है जो सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा PwBD हेतु उपयुक्त चिन्हित (Identified) किए गए हों।

6. राजस्थान एवं राज्य सेवा संवर्गों पर प्रभाव (Relevance in State Rules)

सर्वोच्च न्यायालय का सिद्धराजू निर्णय स्पष्ट रूप से कहता है कि 30.06.2016 का आदेश केंद्र एवं समस्त राज्य सरकारों पर समान रूप से बाध्यकारी है।

  • राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग (DoP) द्वारा राज्य के विभिन्न सेवा नियमों में दिव्यांगजनों हेतु 4% आरक्षण का रोस्टर संधारित किया जा रहा है।
  • विभिन्न प्रशासनिक अधिकरणों (CAT) और उच्च न्यायालयों द्वारा दिए गए निर्णयों के अनुसरण में राज्य सेवा के विभिन्न संवर्गों में भी वर्ष 2016 से लंबित रिव्यू डीपीसी बैठकों का आयोजन कर नोशनल पदोन्नति के लाभ दिए जा रहे हैं।

7. DPC प्रकोष्ठ एवं स्थापना शाखा हेतु ऑडिट चेकलिस्ट (DPC Inspection Checklist)

PwBD नोशनल प्रमोशन के प्रकरण तैयार करते समय स्थापना शाखा को निम्नलिखित अभिलेखों की अनिवार्य जांच करनी चाहिए:

  • क्या कार्मिक के पास अधिकृत सक्षम मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी न्यूनतम 40% बेंचमार्क दिव्यांगता का वैध UDID कार्ड/प्रमाण पत्र उपलब्ध है?
  • क्या पदोन्नति हेतु संबंधित पद उस विशिष्ट दिव्यांगता श्रेणी के लिए आधिकारिक रूप से चिन्हित (Identified) है?
  • क्या 30.06.2016 से संबंधित रिक्ति वर्ष में कार्मिक फीडर पद पर निर्धारित न्यूनतम अर्हक सेवा (Experience) पूर्ण करता था?
  • क्या नोशनल पदोन्नति के आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि वास्तविक कार्यभार ग्रहण तिथि से पूर्व का कोई वित्तीय बकाया (Arrears) देय नहीं होगा?
  • यदि नियमित पद रिक्त नहीं था, तो क्या सक्षम वित्त विभाग से विधिवत अधिसंख्य पद (Supernumerary Post) स्वीकृत करवा लिया गया है?
  • क्या यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी सामान्य वर्ग के अधिकारी को पदावनत किए बिना अंतर-वरिष्ठता (Inter-se Seniority) का सही समायोजन हुआ है?

अस्वीकरण (Disclaimer): यह मार्गदर्शिका कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT), भारत सरकार के कार्यालय ज्ञापन No. 36012/1/2020-Estt.(Res-II), सर्वोच्च न्यायालय के न्यायिक निर्णयों तथा सेवा नियमों का एक शैक्षणिक व तकनीकी विश्लेषण है। किसी भी प्रशासनिक निर्धारण, विभागीय पदोन्नति अथवा न्यायालयी प्रकरण के संदर्भ में DoPT द्वारा जारी मूल आदेशों (dopt.gov.in) को ही वैधानिक आधार माना जाए।

Download Official Order Pdf

यदि आप एक दिव्यांग सरकारी कर्मचारी हैं और 2016 से 2022 के बीच Promotion के लिए Eligible थे, तो अपने विभाग में Review DPC और Supernumerary Post की स्थिति की जानकारी जरूर प्राप्त करें।

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