Rajasthan GPF Interest Rate 2026: ब्याज दर, स्लैब और नए नियम जानें

Mar 11, 2026
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Rajasthan GPF Interest Rate & Withdrawal Rules 2026: सामान्य प्रावधायी निधि ब्याज दर, GPF स्लैब, अग्रिम एवं आंशिक निकासी नियम

राजस्थान सरकार के अंतर्गत सेवारत नियमित राज्य कर्मचारियों एवं अधिकारियों के भविष्य की वित्तीय सुरक्षा और सेवानिवृत्ति परिलाभों के लिए सामान्य प्रावधायी निधि (General Provident Fund - GPF) सबसे महत्वपूर्ण एवं अनिवार्य बचत योजना है।

राज्य में पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme - OPS) के पुनर्बहाली के उपरांत 01.01.2004 को अथवा उसके पश्चात नियुक्त कर्मचारियों (GPF-2004) के लिए भी GPF कटौती को अनिवार्य कर दिया गया है। कर्मचारियों एवं आहरण-वितरण अधिकारियों (DDO) के मध्य अक्सर यह संशय रहता है कि चालू वित्तीय वर्ष में GPF पर ब्याज दर क्या है, ब्याज की गणना मासिक आधार पर कैसे होती है, मकान निर्माण, उच्च शिक्षा अथवा विवाह हेतु खाते से कितने प्रतिशत तक गैर-वापसी योग्य आहरण (Non-Refundable / Part Final Withdrawal) किया जा सकता है, तथा अस्थायी अग्रिम (Temporary Advance) की वसूली कितने महीनों में की जाती है।

यह संदर्भ मार्गदर्शिका राजस्थान सामान्य प्रावधायी निधि नियम, 1997 (Rajasthan GPF Rules, 1997), वित्त विभाग (नियम प्रभाग) और राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग (SIPF) के नवीनतम परिपत्रों के अनुसार GPF कटौती स्लैब, ब्याज गणना, निकासी पात्रता और DDO सत्यापन प्रक्रिया का संपूर्ण विधिक व वित्तीय विश्लेषण प्रस्तुत करती है।

1. विधिक आधार एवं GPF खाता संरचना (Statutory Framework)

  • राजस्थान GPF नियम, 1997: राज्य कर्मचारियों के प्रावधायी निधि खाते का प्रबंधन और संचालन इन नियमों के अधीन होता है।
  • खाता श्रेणियों का विभाजन:
    • GPF (Pre-2004): 01.01.2004 से पूर्व नियुक्त कर्मचारियों हेतु पारंपरिक खाता।
    • GPF-2004 (Post-2004): 01.01.2004 के पश्चात नियुक्त कार्मिकों हेतु OPS बहाली के बाद संचालित खाता।
  • बजट शीर्ष (Budget Head): GPF अंशदान की कटौती और जमा राज्य सरकार के लोक लेखा के विशिष्ट बजट शीर्ष 8009-01-101 के अंतर्गत संधारित की जाती है।
  • संचालक प्राधिकारी: इसका रिकॉर्ड एवं खाता संधारण राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग (State Insurance and Provident Fund Department - SIPF) द्वारा डिजिटल रूप से किया जाता है।

2. GPF कटौती स्लैब (Monthly Subscription Slabs)

7वें वेतन आयोग (RCS Revised Pay Rules 2017) के अंतर्गत कर्मचारी के मूल वेतन (Basic Pay) के अनुसार न्यूनतम मासिक GPF कटौती की विधिक दरें निम्नानुसार निर्धारित हैं:

पे-मैट्रिक्स मूल वेतन स्लैब (Basic Pay Slab) न्यूनतम अनिवार्य मासिक GPF कटौती (Rs.)
₹ 23,100/- तक ₹ 1,450/- प्रति माह
₹ 23,101/- से ₹ 28,500/- तक ₹ 1,625/- प्रति माह
₹ 28,501/- से ₹ 38,500/- तक ₹ 2,100/- प्रति माह
₹ 38,501/- से ₹ 51,500/- तक ₹ 2,850/- प्रति माह
₹ 51,501/- से ₹ 62,000/- तक ₹ 3,575/- प्रति माह
₹ 62,001/- से ₹ 72,000/- तक ₹ 4,200/- प्रति माह
₹ 72,001/- से ₹ 80,000/- तक ₹ 4,800/- प्रति माह
₹ 80,001/- से ₹ 1,16,000/- तक ₹ 6,150/- प्रति माह
₹ 1,16,001/- से ₹ 1,67,000/- तक ₹ 8,900/- प्रति माह
₹ 1,67,001/- एवं अधिक ₹ 10,500/- प्रति माह
  • स्वैच्छिक अंशदान (Voluntary Contribution): कर्मचारी चाहे तो न्यूनतम स्लैब से अधिक राशि भी प्रतिमाह अपने GPF खाते में जमा करवा सकता है, परंतु आयकर नियमों के अनुसार एक वित्तीय वर्ष में ₹ 5.00 लाख से अधिक के कुल GPF अंशदान पर अर्जित ब्याज कर-योग्य (Taxable) श्रेणी में आता है।
  • प्रोबेशनर-ट्रेनी हेतु कटौती: प्रोबेशन काल के दौरान नियत पारिश्रमिक से वित्त विभाग के आदेशानुसार पे-लेवल वार निर्धारित मासिक GPF कटौती (₹ 700/- से ₹ 1,400/- तक) की जाती है।

3. GPF ब्याज दर एवं गणना विधि (Interest Rate & Calculation Formula)

  • प्रचलित ब्याज दर: वित्त विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा केंद्रीय आर्थिक कार्य विभाग (DEA) की अधिसूचनाओं के अनुसरण में GPF जमाओं पर 7.1% प्रति वर्ष (तिमाही चक्रवृद्धि आधार पर संकलित) की ब्याज दर निर्धारित की गई है।
  • मासिक ब्याज गणना का सिद्धांत: ब्याज की गणना प्रत्येक माह की 10 तारीख से माह के अंतिम दिवस के मध्य खाते में उपलब्ध न्यूनतम शेष (Closing Balance) के आधार पर की जाती है।
  • वार्षिक क्रेडिट: पूरे वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) के दौरान प्रत्येक माह के संचित ब्याज का योग कर 31 मार्च को खाते के मूलधन (Principal Balance) में जोड़ दिया जाता है।

मासिक ब्याज फॉर्मूला:

मासिक ब्याज = (माह का न्यूनतम शेष (Closing Balance) x वार्षिक ब्याज दर (7.1%)) / 1200

4. GPF से आहरण: अस्थायी अग्रिम बनाम गैर-वापसी योग्य आंशिक निकासी

कर्मचारी अपने GPF खाते से दो प्रकार से धनराशि निकाल सकता है:

आहरण का प्रकार (Withdrawal Type) पात्रता / सेवा अवधि अधिकतम अनुमत राशि वापसी / पुनर्भुगतान की शर्तें
अस्थायी अग्रिम (Temporary Advance) न्यूनतम 1 वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण होने पर खाते में जमा कुल शेष का अधिकतम 75% तक (अथवा 3 माह के मूल वेतन के बराबर, जो भी कम हो)। वापसी योग्य: 12 से 36 समान मासिक किस्तों में वेतन से पुनः कटौती कर जमा कराना अनिवार्य। इस पर कोई अतिरिक्त ब्याज नहीं लगता।
आंशिक गैर-वापसी योग्य निकासी (Part Final / Non-Refundable) न्यूनतम 15 वर्ष की नियमित सेवा (अथवा सेवानिवृत्ति के 10 वर्ष पूर्व) खाते में जमा कुल शेष का अधिकतम 75% से 90% तक। गैर-वापसी योग्य: यह राशि कर्मचारी को हमेशा के लिए मिल जाती है; इसे वापस जमा कराने की आवश्यकता नहीं होती।

5. गैर-वापसी योग्य निकासी (Part Final Withdrawal) के अनुमत प्रयोजन

राजस्थान GPF नियमों के अनुसार आंशिक अंतिम निकासी केवल निम्नलिखित निर्दिष्ट आधारों पर ही स्वीकृत की जाती है:

  1. आवास निर्माण / भूखंड क्रय (House Building / Purchase of Plot):
    1. स्वयं, पति/पत्नी अथवा संयुक्त नाम से आवासीय भूखंड खरीदने, नया मकान बनाने अथवा पुराने मकान के विस्तार/मरम्मत हेतु।
    2. अनुमत सीमा: कुल जमा शेष का 75% तक (विशेष परिस्थितियों में 90% तक)।
  2. संतानों की उच्च शिक्षा (Higher Education):
    1. आश्रित पुत्र अथवा पुत्री के मेडिकल, इंजीनियरिंग, तकनीकी, व्यवसायिक अथवा विदेश में उच्च अध्ययन हेतु।
    2. अनुमत सीमा: कुल शेष का 75% तक अथवा पाठ्यक्रम की वास्तविक फीस।
  3. संतान / स्वयं का विवाह (Marriage Expenses):
    1. पुत्र/पुत्री, स्वयं, अथवा पूर्णतः आश्रित सगी बहन के विवाह के उपलक्ष्य में।
    2. अनुमत सीमा: कुल जमा राशि का 75% तक (विवाह की तिथि से 6 माह पूर्व तक आवेदन मान्य)।
  4. गंभीर बीमारी का उपचार (Medical Treatment):
    1. स्वयं अथवा आश्रित परिजनों की असाध्य बीमारी, सर्जरी या कैंसर आदि के विशेष उपचार हेतु।
    2. अनुमत सीमा: कुल शेष का 90% तक तत्काल स्वीकृत किया जा सकता है।

6. सेवानिवृत्ति पर GPF अंतिम भुगतान (Final Payment at Retirement)

  • कटौती बंद करने का नियम (Stoppage of Deduction): कर्मचारी की अधिवार्षिकी सेवानिवृत्ति (Superannuation at 60 Years) से 3 माह पूर्व वेतन बिल से GPF कटौती पूर्णतः बंद कर दी जाती है, ताकि ब्याज गणना और खाता मिलान समय पर पूरा हो सके।
  • ब्याज देयता: सेवानिवृत्ति तिथि तक जमा संपूर्ण राशि पर प्रचलित दर (7.1%) से ब्याज सहित पूर्ण अंतिम भुगतान (Final Withdrawal) जारी किया जाता है।
  • सेवाकाल में मृत्यु होने पर (Death Case): आश्रित नामांकित व्यक्ति (Nominee) को खाते का संपूर्ण शेष + ब्याज का एकमुश्त भुगतान किया जाता है। साथ ही, पात्रता के अनुसार अतिरिक्त जमा से जुड़ी बीमा योजना (Deposit-Linked Insurance Scheme) का लाभ भी देय होता है।

7. SIPF पोर्टल / SSO पर ऑनलाइन निकासी प्रक्रिया (Workflow)

[कर्मचारी द्वारा SSO ID (rajasthan.gov.in) पर लॉगिन करना]
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[SIPF न्यू पोर्टल (State Insurance & Provident Fund) का चयन]
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[GPF मॉड्यूल में 'Apply for GPF Advance' अथवा 'GPF Claim' का चयन]
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[निकासी का प्रकार (Temporary / Part Final) एवं प्रयोजन का चयन]
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[बैंक विवरण का जन-आधार / बैंक पासबुक से सत्यापन एवं आवश्यक दस्तावेज अपलोड]
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[आधार ओटीपी (Aadhaar OTP) के माध्यम से ई-साइन (e-Sign) कर सबमिट करना]
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[DDO स्तर पर ऑनलाइन सत्यापन एवं SIPF जिला कार्यालय को फॉरवर्ड]
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[SIPF कार्यालय द्वारा ई-भुगतान आदेश (ECS / Treasury Mandate) सीधे बैंक खाते में प्रेषण]

8. DDO एवं आहरण संवितरण अधिकारी हेतु ऑडिट चेकलिस्ट (DDO Inspection Checklist)

GPF अग्रिम अथवा पार्ट-फाइनल दावा अग्रेषित करते समय DDO को निम्नलिखित जांच अवश्य करनी चाहिए:

  • क्या कर्मचारी के वेतन से Pay Matrix Level के अनुसार न्यूनतम निर्धारित GPF स्लैब काटा जा रहा है?
  • अस्थायी अग्रिम (Temporary Advance) के मामले में क्या पूर्व में लिया गया कोई अन्य अग्रिम बकाया तो नहीं है, अथवा उसकी 12-36 किस्तों का समायोजन सही चल रहा है?
  • गैर-वापसी योग्य आहरण (Part Final) के मामले में क्या कर्मचारी की 15 वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण हो चुकी है?
  • क्या निकासी प्रयोजन (शिक्षा/विवाह/मकान) से संबंधित आवश्यक संलग्नक (फीस रसीद, मैरिज कार्ड, या एस्टीमेट) पत्रावली में संलग्न हैं?
  • क्या कर्मचारी के बैंक खाते का IFSC कोड और खाता संख्या SIPF पोर्टल पर अद्यतन और जन आधार से लिंक है?
  • सेवानिवृत्ति से 3 माह पूर्व कार्मिक के वेतन बिल से GPF कटौती को बंद (Stop) कर दिया गया है?

अस्वीकरण (Disclaimer): यह मार्गदर्शिका राजस्थान सामान्य प्रावधायी निधि नियम, 1997 तथा वित्त विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा समय-समय पर जारी परिपत्रों का एक विधिक व प्रशासनिक सार-संक्षेप है। किसी भी आधिकारिक वित्तीय आहरण, ब्याज विवाद अथवा कानूनी दावे की स्थिति में वित्त विभाग एवं SIPF निदेशालय के मूल नियमों (sipf.rajasthan.gov.in / finance.rajasthan.gov.in) को ही वैधानिक आधार माना जाए।

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