DDO Powers and Responsibilities 2026: आहरण एवं वितरण अधिकारी नियम
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राजस्थान में आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO): अधिकार और जिम्मेदारियां 2026
राजस्थान सरकार के किसी भी कार्यालय में DDO (Drawing and Disbursing Officer) की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। सरकारी खजाने (Treasury) से पैसा निकालने और उसे कर्मचारियों या विक्रेताओं (Vendors) को वितरित करने की पूरी जिम्मेदारी डी.डी.ओ. की होती है।
यदि आप एक नव-नियुक्त अधिकारी हैं या कार्यालय के वित्तीय कार्यों को समझना चाहते हैं, तो यह गाइड आपके लिए बहुत उपयोगी है।
1. DDO कौन होता है?
DDO वह राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) होता है जिसे विभाग द्वारा कोषागार से बिल आहरित करने के लिए अधिकृत किया जाता है। प्रत्येक कार्यालय का एक विशिष्ट DDO Code होता है, जिसका उपयोग IFMS 3.0 और PayManager पर किया जाता है।
2. मुख्य वित्तीय अधिकार (Financial Powers)
GF&AR (General Financial and Accounts Rules) के अनुसार, DDO को निम्नलिखित अधिकार प्राप्त हैं:
- वेतन बिल (Salary Bills): कार्यालय के सभी कार्मिकों के वेतन और भत्तों के बिल तैयार करना और उन्हें पास करना।
- आकस्मिक व्यय (Contingency): कार्यालय के रख-रखाव, स्टेशनरी और बिजली-पानी के बिलों का भुगतान।
- स्वीकृति का अधिकार: एक निश्चित सीमा तक सामान खरीदने या मरम्मत कार्य करवाने की वित्तीय स्वीकृति देना।
3. DDO की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां (Responsibilities)
- बजट नियंत्रण: यह सुनिश्चित करना कि खर्च केवल आवंटित बजट (Budget Allocation) के भीतर ही हो।
- आयकर (TDS) कटौती: कर्मचारियों के वेतन से सही इनकम टैक्स काटना और उसे समय पर सरकारी खाते में जमा करना।
- कैश बुक (Cash Book): कार्यालय की नकदी प्राप्तियों और भुगतानों का दैनिक मिलान करना और कैश बुक को प्रमाणित करना।
- ऑडिट (Audit): समय-समय पर होने वाले सरकारी ऑडिट के दौरान सभी वाउचर और बिलों का रिकॉर्ड प्रस्तुत करना।
4. IFMS 3.0 और डिजिटल सिग्नेचर (DSC)
2026 में अब सभी बिल IFMS 3.0 पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन बनते हैं। DDO को अपने Digital Signature Certificate (DSC) का उपयोग करके बिलों को प्रमाणित करना होता है, जिससे पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और सुरक्षित हो गई है।