राजस्थान सरकारी कर्मचारी ACP नियम क्या हैं? 9, 18 और 27 साल का पूरा गणित

Jan 28, 2026
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राजस्थान सरकारी कर्मचारियों के लिए ACP नियम: बिना प्रमोशन पाए भी कैसे बढ़ती है सैलरी? जानें पूरी प्रक्रिया

राजस्थान सरकार में नौकरी कर रहे हर कर्मचारी का सपना होता है कि उसे समय पर पदोन्नति (Promotion) मिले। लेकिन कई बार विभाग में पद खाली न होने के कारण कर्मचारी एक ही पद पर सालों तक अटका रह जाता है। ऐसे में कर्मचारी को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए सरकार ACP (Assured Career Progression) का लाभ देती है।

आज के इस लेख में हम समझेंगे कि ACP क्या है, यह कब मिलती है और इससे आपकी सैलरी पर क्या असर पड़ता है।


ACP क्या है? (What is ACP?)

ACP का मतलब है 'आश्वासित करियर प्रगति'। यह एक ऐसी योजना है जिसके तहत यदि किसी कर्मचारी को एक निश्चित समय सीमा तक प्रमोशन नहीं मिलता है, तो सरकार उसे अगले उच्च पद का वेतनमान (Pay Level) देना शुरू कर देती है।
सीधे शब्दों में कहें तो—"काम वही, पद वही, लेकिन सैलरी अगले ऊँचे पद वाली!"


ACP मिलने का समय (9, 18, 27 वर्ष का नियम)

राजस्थान में वर्तमान नियमों के अनुसार, एक नियमित कर्मचारी को उसके पूरे सेवाकाल में तीन बार ACP का लाभ मिलता है:

  • प्रथम ACP (9 वर्ष): सेवा में नियुक्ति तिथि से 9 वर्ष की नियमित सेवा पूरी होने पर।
  • द्वितीय ACP (18 वर्ष): सेवा के 18 वर्ष पूरे होने पर।
  • तृतीय ACP (27 वर्ष): सेवा के 27 वर्ष पूरे होने पर।

नोट: यदि इस अवधि के बीच में आपका प्रमोशन हो जाता है, तो उस प्रमोशन को एक ACP के बराबर मान लिया जाता है।


ACP मिलने की अनिवार्य शर्तें

ACP का लाभ पाना केवल समय बिताने पर निर्भर नहीं है, इसके लिए कुछ शर्तें भी हैं:

  • नियमित सेवा: आपकी सेवा 'नियमित' होनी चाहिए (प्रोबेशन पीरियड को इसमें गिना जाता है)।
  • वार्षिक कार्य मूल्यांकन (APAR): पिछले वर्षों का आपका संतोषजनक कार्य रिकॉर्ड (ACR/APAR) होना जरूरी है।
  • विभागीय जांच: कर्मचारी के विरुद्ध कोई बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई (16-CC) या विभागीय जांच लंबित नहीं होनी चाहिए।
  • संतान संबंधी नियम: 01.06.2002 के बाद दो से अधिक संतान होने पर ACP का लाभ कुछ समय के लिए रोका जा सकता है।

वेतन निर्धारण (Fixation) कैसे होता है?

जब किसी कर्मचारी को ACP मिलती है, तो उसे पे-मैट्रिक्स के अगले 'लेवल' में फिक्स किया जाता है। उदाहरण के तौर पर:

  • यदि कोई कर्मचारी L-10 पर कार्यरत है और उसे 9 साल पर प्रथम ACP मिलती है, तो उसका नया वेतन L-11 के अनुसार निर्धारित होगा।
  • इसके साथ ही उसे एक वार्षिक वेतन वृद्धि (Increment) का लाभ भी फिक्सेशन के समय दिया जाता है।

ACP से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1. क्या प्रोबेशन पीरियड को 9 साल की गणना में गिना जाता है? उत्तर: हाँ, राजस्थान में ACP की गणना आपकी कार्यभार ग्रहण करने की तिथि (Date of Joining) से की जाती है, जिसमें प्रोबेशन काल शामिल है।

Q2. अगर मेरा प्रमोशन 7वें साल में हो गया, तो क्या 9वें साल में ACP मिलेगी? उत्तर: नहीं, क्योंकि आप पहले ही प्रमोशन का लाभ ले चुके हैं, अब आपको अगली ACP 18वें साल (नियुक्ति से) में मिलेगी।

Q3. क्या ACP के लिए कोई परीक्षा देनी होती है? उत्तर: सामान्यतः नहीं, लेकिन कुछ पदों के लिए निर्धारित विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करना या कंप्यूटर सर्टिफिकेट (जैसे RS-CIT) होना अनिवार्य हो सकता है।


निष्कर्ष

ACP नियम राजस्थान के कर्मचारियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। यह सुनिश्चित करता है कि पदोन्नति न होने की स्थिति में भी कर्मचारी का मनोबल और आर्थिक स्तर गिरना नहीं चाहिए। यदि आपकी 9, 18 या 27 साल की सेवा पूरी होने वाली है, तो अपने विभाग में समय रहते आवेदन या दस्तावेज जमा करें।

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