Maternity Leave Rules in Hindi: प्रसूति अवकाश नियम

Jan 28, 2026
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Table of Contents

Rajasthan Maternity Leave Rules (RSR Rule 103): प्रसूति अवकाश नियम, 180 दिन की पात्रता, प्रोबेशनर नियम एवं वेतन भुगतान

राजस्थान सरकार के अधीन सेवारत महिला राज्य कर्मचारियों के मातृत्व संरक्षण एवं नवजात शिशु की समुचित देखभाल हेतु प्रसूति अवकाश (Maternity Leave) एक वैधानिक सवेतन अवकाश के रूप में विहित है।

महिला कर्मचारियों और आहरण-वितरण अधिकारियों (DDO) के मध्य अक्सर यह संशय रहता है कि क्या प्रोबेशनर-ट्रेनी महिला कार्मिक को पूरे 180 दिन का मातृत्व अवकाश मिलता है, क्या इससे प्रोबेशन काल आगे खिसकता है, जुड़वाँ संतान होने पर दो-संतान सीमा का नियम क्या कहता है, तथा गर्भपात/मिसकैरेज (Miscarriage) होने पर RSR के तहत कितने दिनों का अवकाश स्वीकृत किया जा सकता है।

यह संदर्भ मार्गदर्शिका राजस्थान सेवा नियम (RSR), 1951 के नियम 103 एवं 104, वित्त विभाग (नियम प्रभाग) और कार्मिक विभाग (DoP) के नवीनतम परिपत्रों के अनुसार प्रसूति अवकाश की विधिक पात्रता, अवकाश वेतन, चिकित्सा प्रमाण पत्र एवं DDO सत्यापन प्रक्रिया का संपूर्ण प्रशासनिक व विधिक विश्लेषण प्रस्तुत करती है।

1. विधिक आधार एवं मूल पात्रता (Statutory Framework)

  • RSR नियम 103(1) — प्रसूति अवकाश: राज्य की किसी भी महिला सरकारी कर्मचारी (स्थायी अथवा अस्थायी) को प्रसूति (Childbirth) के समय पूर्ण 180 दिवस (लगभग 6 माह) का सवेतन प्रसूति अवकाश स्वीकृत किया जाता है।
  • जीवित संतानों की सीमा (Two Surviving Children Condition):
    • प्रसूति अवकाश की पात्रता केवल तब तक उपलब्ध होती है जब तक महिला कर्मचारी के दो से कम जीवित बच्चे (Less than two surviving children) हों।
    • यदि किसी महिला कार्मिक के पहले से दो जीवित बच्चे हैं, तो तीसरे प्रसव पर RSR नियम 103 के तहत प्रसूति अवकाश देय नहीं होगा (ऐसे मामले में उसे अपने खाते में उपलब्ध PL, HPL या EOL लेना होगा)।
    • जुड़वाँ संतान (Twin Delivery) का अपवाद: यदि प्रथम प्रसव से एक संतान है और द्वितीय प्रसव में जुड़वाँ बच्चे जन्म लेते हैं, तो इसे नियम का उल्लंघन नहीं माना जाएगा और पूर्ण अवकाश देय होगा।
  • अवकाश खाते से अप्रभावित (Non-Debitable): प्रसूति अवकाश को कर्मचारी के निजी उपार्जित अवकाश (PL/EL) अथवा अर्धवेतन अवकाश (HPL) खाते से नहीं काटा जाता। इसका संधारण सेवा पुस्तिका (Service Book) के विशेष अवकाश कॉलम में अलग से दर्ज किया जाता है।

2. परिवीक्षाधीन प्रशिक्षणार्थी (Probationer-Trainee) महिला कार्मिकों हेतु नियम

यह प्रावधान सेवा नियमों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है:

  • पूर्ण 180 दिन की पात्रता: वित्त विभाग के स्पष्टीकरण परिपत्रों के अनुसार प्रोबेशनर-ट्रेनी महिला कर्मचारियों को भी बिना किसी कटौती के पूर्ण 180 दिन का प्रसूति अवकाश प्राप्त करने का वैधानिक अधिकार है।
  • सवेतन अवकाश (With Fixed Remuneration): प्रसूति अवकाश के दौरान महिला प्रोबेशनर को उसके पद का मासिक नियत पारिश्रमिक (Fixed Remuneration) निरंतर देय होता है।
  • स्थायीकरण (Confirmation) पर प्रभाव:
    • प्रसूति अवकाश उपभोग करने के कारण प्रोबेशन अवधि आगे नहीं खिसकती (Probation is NOT extended)।
    • 2 वर्ष का समय पूरा होने पर नियत तिथि से ही स्थायीकरण प्रभावी माना जाता है (बशर्ते उसने इसके अलावा 30 दिन से अधिक का कोई असाधारण अवकाश/EOL न लिया हो)।

3. प्रसूति अवकाश की समयावधि एवं प्रारंभ की तिथि (Commencement of Leave)

  • प्रसव पूर्व एवं पश्चात उपभोग:
    • 180 दिन के अवकाश को महिला कर्मचारी अपनी सुविधानुसार प्रसव की संभावित तिथि (Expected Date of Delivery - EDD) से सामान्यतः 6 से 8 सप्ताह पूर्व प्रारंभ कर सकती है।
    • शेष अवकाश का उपभोग प्रसव के बाद शिशु की देखभाल हेतु किया जा सकता है।
    • यदि कर्मचारी चाहे तो वह प्रसव की वास्तविक तिथि से भी पूरे 180 दिन का अवकाश शुरू कर सकती है।
  • अनिवार्य अवकाश अवधि: प्रसव के तुरंत बाद कम से कम 6 सप्ताह तक महिला कार्मिक को चिकित्सीय दृष्टि से स्वास्थ्य लाभ हेतु ड्यूटी पर उपस्थित न होने की सलाह दी जाती है।

4. गर्भपात एवं मिसकैरेज पर अवकाश — RSR Rule 104 (Miscarriage Leave)

यदि दुर्भाग्यवश गर्भावस्था के दौरान गर्भपात, अकाल प्रसव या चिकित्सीय गर्भसमापन (Medical Termination of Pregnancy - MTP) की स्थिति उत्पन्न होती है:

बिंदु (Parameter) विधिक नियम (RSR Rule 104) शर्तें एवं प्रक्रिया
अधिकतम अनुमत अवधि अधिकतम 6 सप्ताह (42 दिन) संपूर्ण सेवाकाल में गर्भपात/मिसकैरेज के आधार पर कुल 42 दिन का सवेतन अवकाश देय।
प्रमाण पत्र की अनिवार्यता अधिकृत चिकित्सा अधिकारी का प्रमाण पत्र राजकीय चिकित्सालय अथवा मान्यता प्राप्त स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) द्वारा जारी प्रमाण पत्र अनिवार्य।
संतानों की संख्या का प्रभाव संतान सीमा लागू नहीं यह अवकाश स्वास्थ्य पुनर्प्राप्ति हेतु होने के कारण पूर्व जीवित बच्चों की संख्या से स्वतंत्र रूप से स्वीकृत होता है।
वेतन एवं भत्ते पूर्ण अवकाश वेतन इस 42 दिन की अवधि में कर्मचारी को पूर्ण नियमित वेतन एवं भत्ते प्राप्त होते हैं।

5. अन्य अवकाशों के साथ संयोजन (Combination with Other Leaves)

प्रसूति अवकाश के 180 दिन समाप्त होने के बाद भी यदि नवजात शिशु की अस्वस्थता अथवा माता के स्वास्थ्य कारणों से अतिरिक्त अवकाश की आवश्यकता होती है:

  • रूपांतरित अवकाश (Commuted Leave - RSR Rule 93A): प्रसूति अवकाश के तुरंत क्रम में महिला कर्मचारी को बिना किसी मेडिकल प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए अधिकतम 60 दिन तक का रूपांतरित अवकाश स्वीकृत किया जा सकता है (जिसके बदले उसके HPL खाते से 120 दिन की HPL कटेगी और पूर्ण वेतन मिलेगा)।
  • अन्य अवकाश: प्रसूति अवकाश के साथ उपार्जित अवकाश (PL), अर्धवेतन अवकाश (HPL), या असाधारण अवकाश (EOL) को भी संयोजित किया जा सकता है, बशर्ते संयुक्त अवकाश अवधि संतान के जन्म की तिथि से अधिकतम 1 वर्ष (365 दिन) से अधिक न हो।

6. आवेदन एवं स्वीकृति की प्रक्रिया (Sanctioning Workflow)

[महिला कार्मिक द्वारा प्रसव की संभावित तिथि (EDD) युक्त डॉक्टर का प्रमाण पत्र प्राप्त करना]
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[कार्यालयाध्यक्ष (Head of Office / DDO) को 180 दिन के प्रसूति अवकाश हेतु अग्रिम आवेदन]
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[DDO स्तर पर पूर्व जीवित संतानों की संख्या (2 से कम होने) का सत्यापन]
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[सक्षम प्राधिकारी द्वारा औपचारिक प्रसूति अवकाश स्वीकृति कार्यालय आदेश जारी होना]
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[प्रसव के उपरांत शिशु का जन्म प्रमाण पत्र / डिस्चार्ज टिकट कार्यालय में प्रस्तुत करना]
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[सेवा पुस्तिका (Service Book) के विशेष अवकाश भाग में आदेश क्रमांक सहित प्रविष्टि]

7. DDO एवं आहरण संवितरण अधिकारी हेतु ऑडिट चेकलिस्ट (DDO Checklist)

प्रसूति अवकाश का वेतन आहरित करते समय DDO को निम्नलिखित विधिक बिंदुओं का परीक्षण करना चाहिए:

  • क्या कर्मचारी द्वारा प्रस्तुत आवेदन में दो से कम जीवित संतान होने की स्व-घोषणा संलग्न है?
  • अधिकृत राजकीय चिकित्सालय अथवा पंजीकृत चिकित्सक द्वारा जारी अपेक्षित प्रसव तिथि (EDD) अथवा डिस्चार्ज प्रमाण पत्र पत्रावली में संलग्न है?
  • क्या यह सुनिश्चित किया गया है कि 180 दिन के प्रसूति अवकाश को कर्मचारी के निजी PL या HPL खाते से नहीं काटा गया है?
  • यदि महिला कार्मिक प्रोबेशनर-ट्रेनी है, तो क्या उसके मासिक नियत पारिश्रमिक (Fixed Remuneration) का नियमित आहरण किया जा रहा है?
  • गर्भपात/मिसकैरेज के मामले में RSR Rule 104 के तहत 42 दिन (6 सप्ताह) की संपूर्ण सेवाकाल सीमा का मिलान कर लिया गया है?
  • प्रसूति अवकाश के उपरांत ड्यूटी जॉइन करते समय वैध कार्यभार ग्रहण रिपोर्ट (Joining Report) और स्वास्थ्य प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया गया है?

अस्वीकरण (Disclaimer): यह मार्गदर्शिका राजस्थान सेवा नियम (RSR), 1951 के नियम 103 व 104 तथा वित्त विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा समय-समय पर जारी परिपत्रों का एक विधिक व प्रशासनिक सार-संक्षेप है। किसी भी आधिकारिक निर्णय अथवा कानूनी विवाद की स्थिति में वित्त विभाग के मूल सेवा नियमों एवं परिपत्रों (finance.rajasthan.gov.in) को ही वैधानिक आधार माना जाए।

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