Probations (परीवीक्षाधीन)

Jan 28, 2026
Advertisement
Table of Contents

राजस्थान सरकारी नौकरी: क्या है 2 साल का प्रोबेशन पीरियड? जानें सैलरी, लीव और कंफर्मेशन के नए नियम

राजस्थान में जब कोई अभ्यर्थी सरकारी परीक्षा पास करके जॉइन करता है, तो उसे सीधे पूर्ण वेतन (Full Pay Scale) नहीं मिलता। उसे गुजरना पड़ता है 'प्रोबेशनर ट्रेनी' (Probationer Trainee) के दौर से।

अक्सर नए कर्मचारियों के मन में डर और भ्रम रहता है कि इस दौरान क्या करें और क्या न करें। आज के इस विशेष लेख में हम राजस्थान सेवा नियम (RSR) के तहत प्रोबेशन के हर पहलू को बारीकी से समझेंगे।


1. प्रोबेशन पीरियड क्या है? (What is Probation?)

राजस्थान में सीधी भर्ती से नियुक्त सभी कर्मचारियों को पदभार ग्रहण करने की तिथि से 2 वर्ष की अवधि के लिए 'प्रोबेशनर ट्रेनी' के रूप में रखा जाता है। यह एक तरह का 'ट्रायल पीरियड' है जहाँ आपकी कार्यक्षमता और आचरण को परखा जाता है।

2. फिक्स्ड पारिश्रमिक (Fixed Remuneration)

प्रोबेशन के दौरान आपको उस पद का पूरा वेतन (Basic + DA + HRA) नहीं मिलता। सरकार द्वारा निर्धारित एक नियत वेतन (Fixed Pay) दिया जाता है। इस दौरान:

  • कोई वार्षिक वेतन वृद्धि (Increment) नहीं मिलती।

  • महंगाई भत्ता (DA) या मकान किराया भत्ता (HRA) देय नहीं होता।

  • सिर्फ कटौती के रूप में GPF/NPS और RGHS की राशि काटी जाती है।

3. प्रोबेशन में छुट्टियां (Leave Rules)

यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रोबेशनर ट्रेनी को अन्य स्थायी कर्मचारियों की तरह PL या Medical Leave नहीं मिलती।

  • आकस्मिक अवकाश (CL): एक साल में केवल 15 CL ही मिलती हैं।

  • असाधारण अवकाश (Extraordinary Leave): यदि 15 दिन से ज्यादा छुट्टी चाहिए, तो बिना वेतन की छुट्टी (LWP) लेनी पड़ती है, जिससे आपका प्रोबेशन पीरियड आगे बढ़ जाता है।

  • महिला कर्मचारियों के लिए: उन्हें नियमानुसार प्रसूति अवकाश (Maternity Leave) का लाभ मिलता है।

4. कंफर्मेशन (स्थायीकरण) की प्रक्रिया

जैसे ही आपके 2 साल सफलतापूर्वक पूरे होते हैं, विभाग आपके कार्यों की समीक्षा करता है। यदि सब कुछ सही रहा, तो आपको 'स्थायीकरण' (Confirmation) का आदेश जारी किया जाता है। इसके बाद ही आपको पे-मैट्रिक्स के अनुसार पूरा वेतन मिलना शुरू होता है।


प्रोबेशनर्स के लिए कुछ जरूरी सावधानियां (Pro Tips)

  1. अनुशासन: इस दौरान किसी भी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई या पुलिस केस आपके कंफर्मेशन को रोक सकता है।

  2. जॉइनिंग रिपोर्ट: अपनी जॉइनिंग रिपोर्ट और मेडिकल सर्टिफिकेट की कॉपी संभाल कर रखें, क्योंकि स्थायीकरण के समय इनकी जरूरत पड़ती है।

  3. विभागीय परीक्षा: कुछ पदों (जैसे एकाउंटेंट या पुलिस) में प्रोबेशन के दौरान विभागीय परीक्षा पास करना अनिवार्य होता है, वरना प्रोबेशन बढ़ाया जा सकता है।


Quick FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

  • क्या प्रोबेशन में सैलरी बढ़ती है? नहीं, 2 साल तक सैलरी फिक्स रहती है।

  • क्या प्रोबेशन पीरियड बढ़ाया जा सकता है? हाँ, यदि कार्य संतोषजनक न हो या आप लंबी अवैतनिक छुट्टी (LWP) पर हों।

  • क्या प्रोबेशन में बोनस मिलता है? जी नहीं, प्रोबेशनर ट्रेनी दिवाली बोनस के पात्र नहीं होते।


निष्कर्ष

प्रोबेशन पीरियड एक सीखने का समय है। हालांकि इसमें आर्थिक लाभ कम होते हैं, लेकिन यह आपकी सरकारी सेवा की नींव है। नियमों की सही जानकारी रखकर आप बिना किसी परेशानी के अपना स्थायीकरण करवा सकते हैं।

7th Pay Matrix

Download here : 7th Pay Matrix

Advertisement