Probations (परीवीक्षाधीन)

Jan 28, 2026
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Rajasthan Probationer Trainee Rules: प्रोबेशनर प्रशिक्षणार्थी नियम, फिक्स मानदेय, अवकाश पात्रता एवं स्थायीकरण प्रक्रिया

राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों में सीधी भर्ती (Direct Recruitment) के माध्यम से नियमित पद पर चयनित होने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी को कार्यग्रहण के उपरांत प्रारंभिक दो वर्ष की अवधि के लिए परिवीक्षाधीन प्रशिक्षणार्थी (Probationer-Trainee) के रूप में नियुक्त किया जाता है।

वित्त विभाग द्वारा 20 जनवरी 2006 को जारी अधिसूचना के माध्यम से राजस्थान सेवा नियम (RSR), 1951 में संशोधन कर 'प्रोबेशनर-ट्रेनी' की प्रणाली लागू की गई थी। इस अवधि में कर्मचारी को नियमित वेतनमान के स्थान पर एक नियत पारिश्रमिक (Fixed Remuneration) देय होता है तथा सेवा शर्तें एवं अवकाश नियम सामान्य स्थायी कर्मचारियों से भिन्न होते हैं।

यह संदर्भ मार्गदर्शिका RSR 1951, वित्त विभाग की अधिसूचनाओं एवं 7वें वेतन आयोग (RCS Revised Pay Rules 2017) के अनुसार प्रोबेशनर-ट्रेनी के वेतन, अवकाश पात्रता, असाधारण अवकाश (EOL) के प्रभाव और दो वर्ष पश्चात स्थायीकरण (Confirmation / Regularization) के सभी विधिक प्रावधानों को स्पष्ट करती है।

1. विधिक आधार एवं परिभाषा (Statutory Authority)

  • RSR नियम 7(35A) — परिवीक्षाधीन प्रशिक्षणार्थी: वह व्यक्ति जिसे किसी संवर्ग के नियमित पद पर सीधी भर्ती द्वारा 2 वर्ष के प्रशिक्षण काल के लिए नियुक्त किया गया हो।
  • अधिसूचना संदर्भ: वित्त विभाग (नियम प्रभाग) अधिसूचना संख्या F. 1(2)FD/Rules/2006 दिनांक 20.01.2006 एवं समय-समय पर जारी संशोधन परिपत्र।
  • अवधि (Tenure): प्रोबेशन-ट्रेनी काल सामान्यतः कार्यभार ग्रहण (Joining Date) से पूर्ण 2 वर्ष का होता है। विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण न करने, गंभीर चिकित्सकीय अनुपस्थिति, अथवा अनुशासनिक जांच लंबित होने की स्थिति में ही सक्षम स्तर से इसे बढ़ाया (Extend) जा सकता है।

2. पे-मैट्रिक्स अनुसार नियत पारिश्रमिक (Fixed Remuneration Table)

7वें वेतन आयोग के अंतर्गत राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम, 2017 के तहत विभिन्न पे-लेवल्स (Pay Levels) के लिए निर्धारित मासिक नियत पारिश्रमिक:

पे-मैट्रिक्स लेवल (Pay Level) पूर्व पे-बैंड / ग्रेड पे पद का उदाहरण (Example Designations) मासिक नियत पारिश्रमिक (Fixed Pay)
Level L-1 GP 1300 / 1400 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (Class-IV) ₹ 12,400/-
Level L-2 GP 1700 प्रयोगशाला परिचर (Lab Attendant) ₹ 12,600/-
Level L-3 GP 1750 वाहन चालक (Driver) ₹ 12,800/-
Level L-4 GP 1900 कनिष्ठ तकनीशियन, जमादार ₹ 13,500/-
Level L-5 GP 2000 कनिष्ठ सहायक (LDC), लैब सहायक (Lab Asst) ₹ 14,600/-
Level L-6 GP 2100 कृषि पर्यवेक्षक (Agri Supervisor) ₹ 15,100/-
Level L-7 GP 2300 वरिष्ठ तकनीशियन ₹ 15,900/-
Level L-8 GP 2400 सूचना सहायक (IA), वनपाल (Forester) ₹ 18,500/-
Level L-9 GP 2800 पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी (VDO) ₹ 20,800/-
Level L-10 GP 3600 वरिष्ठ अध्यापक (2nd Grade), कनिष्ठ लेखाकार (JA) ₹ 23,700/-
Level L-11 GP 4200 शारीरिक शिक्षक (PTI-II), सब-इंस्पेक्टर (SI) ₹ 26,500/-
Level L-12 GP 4800 प्राध्यापक (School Lecturer / 1st Grade), सहायक लेखाधिकारी-II ₹ 31,100/-
Level L-13 GP 5400 सहायक लेखाधिकारी-I (AAO-I) ₹ 36,900/-
Level L-14 GP 5400 (PB-3) राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS), सहायक आचार्य (College) ₹ 39,300/-

नोट: इस नियत पारिश्रमिक के अतिरिक्त प्रोबेशनर-ट्रेनी को अलग से कोई महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) या नगर प्रतिकर भत्ता (CCA) देय नहीं होता है (वेतन संरक्षण / Pay Protection के मामलों को छोड़कर)।

3. प्रोबेशन काल में अवकाश पात्रता (Leave Entitlements in Probation)

राजस्थान सेवा नियम (RSR) के अध्याय 11 के तहत प्रोबेशनर-ट्रेनी के लिए अवकाश नियम अत्यंत विशिष्ट हैं:

अवकाश का प्रकार (Leave Kind) प्रोबेशन में अनुमत सीमा विधिक शर्तें एवं प्रभाव
आकस्मिक अवकाश (Casual Leave - CL) 15 दिन प्रति कैलेंडर वर्ष सेवा के प्रथम वर्ष में पूर्ण माह की सेवा के अनुपात (Pro-rata basis) पर देय (सवा दिन प्रति माह)।
उपार्जित अवकाश (Privilege Leave - PL) शून्य (Not Admissible) प्रोबेशन काल में PL अर्जित नहीं होती और न ही 15 दिवस के PL सरेंडर का वित्तीय लाभ मिलता है।
अर्धवेतन अवकाश (Half Pay Leave - HPL) शून्य (Not Admissible) प्रोबेशनर-ट्रेनी के अवकाश खाते में HPL क्रेडिट नहीं होती।
मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) 180 दिन (Full Period) महिला प्रोबेशनर को दो जीवित संतानों तक पूर्ण 180 दिन का मातृत्व अवकाश नियत पारिश्रमिक पर देय। इससे प्रोबेशन आगे नहीं खिसकता।
पितृत्व अवकाश (Paternity Leave) 15 दिन पुरुष कार्मिक को प्रसव से 15 दिन पूर्व अथवा 6 माह के भीतर देय।
असाधारण अवकाश (Extraordinary Leave - EOL) केवल सक्षम स्तर से स्वीकृत चिकित्सकीय आधार पर अथवा उच्च अध्ययन हेतु विशेष परिस्थितियों में।

4. असाधारण अवकाश (EOL) और प्रोबेशन विस्तार का नियम

यह बिंदु सेवा नियमों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है:

  • 30 दिवस तक का EOL: यदि कोई प्रोबेशनर बीमारी या गंभीर कारण से 30 दिन तक का असाधारण अवकाश (Medical EOL) सक्षम स्वीकृति से लेता है, तो सामान्यतः उसका स्थायीकरण (Confirmation) प्रभावित नहीं होता।
  • 30 दिवस से अधिक EOL: यदि प्रोबेशन अवधि में लिया गया असाधारण अवकाश (EOL) 30 दिन से अधिक हो जाता है, तो जितने दिन का अतिरिक्त EOL लिया गया है, कर्मचारी की परिवीक्षा अवधि (Probation Period) उतने ही दिनों के लिए आगे खिसक (Extend हो) जाती है।
  • वेतन वृद्धि (Increment) पर प्रभाव: प्रोबेशन आगे खिसकने के कारण स्थायीकरण की तिथि बदल जाती है, जिसका सीधा प्रभाव आगामी नियमित वार्षिक वेतन वृद्धि (1 जुलाई) की अर्हक सेवा (6 माह की न्यूनतम आवश्यकता) पर पड़ सकता है।

5. दो वर्ष पश्चात स्थायीकरण एवं नियमित वेतन निर्धारण (Confirmation Process)

2 वर्ष का संतोषजनक सेवाकाल पूर्ण होने पर कार्यालयाध्यक्ष (DDO / सक्षम प्राधिकारी) द्वारा स्थायीकरण आदेश (Confirmation / Regularization Order) जारी किया जाता है:

[2 वर्ष की सेवा पूर्ण होने की तिथि]
                 │
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[विभागीय कार्य एवं आचरण संतोषजनक होने का प्रमाण पत्र]
                 │
                 ▼
[संतान घोषणा पत्र (01.06.2002 के बाद 2 से अधिक संतान न होने बाबत)]
                 │
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[सक्षम प्राधिकारी (Appointing Authority) द्वारा स्थायीकरण आदेश जारी होना]
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[पे-मैट्रिक्स के संबंधित Level के न्यूनतम सेल (Cell-1) पर मूल वेतन का निर्धारण]
                 │
                 ▼
[नियमित वेतनमान + नियमानुसार DA + HRA का आहरण प्रारंभ]

फिक्सेशन का व्यावहारिक उदाहरण:

  • पद: वरिष्ठ अध्यापक (Senior Teacher / Grade-II) — पे-मैट्रिक्स Level L-10।
  • प्रोबेशन काल (2 वर्ष): नियत पारिश्रमिक = ₹ 23,700/- प्रति माह।
  • स्थायीकरण तिथि पर मूल वेतन (Basic Pay): Level L-10 का न्यूनतम सेल-1 = ₹ 33,800/-।
  • देय भत्ते: ₹ 33,800/- मूल वेतन + तत्कालीन दर पर महंगाई भत्ता (DA) + पदस्थापन स्थान के अनुसार HRA (9% या 18%)।
  • वार्षिक वेतन वृद्धि (First Increment): स्थायीकरण के बाद यदि आगामी 1 जुलाई तक कर्मचारी 6 माह की नियमित सेवा पूर्ण कर लेता है, तो उसे पहली वार्षिक वेतन वृद्धि देय होगी (वेतन Cell-2 पर ₹ 34,800/- हो जाएगा)।

6. DDO एवं कार्यालयाध्यक्ष हेतु स्थायीकरण चेकलिस्ट (Confirmation Checklist)

प्रोबेशनर-ट्रेनी का स्थायीकरण आदेश जारी करने और नियमित वेतन बिल बनाने से पूर्व निम्नलिखित अभिलेखों की जांच अनिवार्य है:

  • कर्मचारी ने बिना किसी अनधिकृत अनुपस्थिति के पूरे दो वर्ष का सेवाकाल संतोषजनक रूप से पूर्ण कर लिया है?
  • यदि कर्मचारी ने प्रोबेशन के दौरान कोई असाधारण अवकाश (EOL) लिया है, तो क्या 30 दिन से अधिक की अवधि के अनुपात में प्रोबेशन अवधि को आगे बढ़ाया गया है?
  • महिला कार्मिक के मातृत्व अवकाश का विवरण सेवा पुस्तिका में विधिवत दर्ज है?
  • 01.06.2002 को या उसके पश्चात संतानों की संख्या संबंधी नवीनतम स्व-घोषणा पत्र प्राप्त कर लिया गया है?
  • क्या कार्मिक के विरुद्ध कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई (CCA Rules 1958 के नियम 16 या 17) अथवा पुलिस/विजिलेंस जांच लंबित तो नहीं है?
  • नियमित पे-लेवल के Cell-1 पर वेतन निर्धारण आदेश की प्रति सेवा पुस्तिका में चस्पा कर दी गई है?

अस्वीकरण (Disclaimer): यह मार्गदर्शिका राजस्थान सेवा नियम (RSR), 1951 एवं वित्त विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा जारी विभिन्न अधिसूचनाओं व परिपत्रों का एक विधिक व प्रशासनिक सार-संक्षेप है। किसी भी न्यायिक निर्णय अथवा विवाद की स्थिति में वित्त विभाग के आधिकारिक नियमों (finance.rajasthan.gov.in) को ही वैधानिक आधार माना जाए।

 

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