वेतन चुनने का विकल्प

Jan 28, 2026
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Pay Protection in Rajasthan for Probationer Trainee: प्रोबेशन में पे-प्रोटेक्शन (वेतन संरक्षण) नियम, RSR Rule 24-26 एवं फिक्सेशन प्रक्रिया

राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों में पहले से नियमित रूप से सेवारत कोई कर्मचारी जब किसी नई सीधी भर्ती (Direct Recruitment) के माध्यम से किसी अन्य पद पर परिवीक्षाधीन प्रशिक्षणार्थी (Probationer-Trainee) के रूप में कार्यभार ग्रहण करता है, तो उसके पूर्व आहरित वेतन के संरक्षण का विधिक अधिकार वेतन संरक्षण (Pay Protection) कहलाता है।

सामान्य सीधी भर्ती के नए अभ्यर्थियों को 2 वर्ष के प्रोबेशन काल में केवल नियत पारिश्रमिक (Fixed Remuneration) मिलता है। किंतु पूर्व सेवारत राज्य कर्मचारियों के वित्तीय हितों की रक्षा हेतु वित्त विभाग ने राजस्थान सेवा नियम (RSR) नियम 24, 25, 26 तथा अधिसूचना No. F. 1(2)FD/Rules/2006 (दिनांक 24.10.2007) के अंतर्गत पे-प्रोटेक्शन का वैधानिक विकल्प प्रदान किया है।

इस गाइड में प्रोबेशन अवधि में पूर्व पद के मूल वेतन आहरण, भत्तों की पात्रता, विकल्प पत्र (Option Form), तथा 2 वर्ष बाद स्थायीकरण (Confirmation) पर नवीन वेतन निर्धारण के संपूर्ण नियमों को उदाहरण सहित समझाया गया है।

1. विधिक आधार एवं पात्रता की अनिवार्य शर्तें (Statutory Conditions)

किसी भी इन-सर्विस कर्मचारी को नई नियुक्ति में पे-प्रोटेक्शन का लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित सभी शर्तों का पूरा होना विधिक रूप से अनिवार्य है:

  1. उचित माध्यम से आवेदन (Applied Through Proper Channel): नए पद के लिए भर्ती परीक्षा का आवेदन पत्र मूल विभाग के माध्यम से या नियमानुसार पूर्व अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त कर प्रस्तुत किया गया हो।
  2. समान या उच्चतर पद पर चयन: नए पद का पे-लेवल (Pay Level) पूर्व पद के समान या उससे उच्च होना चाहिए।
  3. तकनीकी त्यागपत्र (Technical Resignation): पुराने विभाग से दिया गया त्यागपत्र साधारण त्यागपत्र न होकर RSR Rule 56A के तहत "तकनीकी त्यागपत्र" (Technical Resignation) के रूप में सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वीकृत किया गया हो।
  4. सेवा में व्यवधान न होना (No Break in Service): पुराने पद से दोपहर बाद (AN) कार्यमुक्त होकर अनुमत कार्यभार ग्रहण काल (Joining Time) के भीतर ही नए पद पर कार्यभार ग्रहण किया गया हो।
  5. सेवा की प्रकृति: पूर्व पद पर सेवा नियमित (Regular/Substantive) होनी चाहिए। संविदा (Contractual), तदर्थ (Ad-hoc) अथवा मानदेय कार्मिकों को वेतन संरक्षण का लाभ देय नहीं होता।

2. प्रोबेशन काल में मिलने वाले वेतन व भत्ते (Emoluments During Probation)

वित्त विभाग के परिपत्र दिनांक 24.10.2007 के अनुसार पात्र कर्मचारी को प्रोबेशन काल में निम्नलिखित दो विकल्पों में से एक का चयन करना होता है:

  • विकल्प 'A' (Option A - Fixed Remuneration): नए पद के लिए निर्धारित नियत पारिश्रमिक (Fixed Remuneration) प्राप्त करना।
  • विकल्प 'B' (Option B - Pay Protection): पूर्व पद पर आहरित अंतिम मूल वेतन (Basic Pay) का संरक्षण प्राप्त करना।

विकल्प 'B' (पे-प्रोटेक्शन) चुनने पर मिलने वाले परिलब्धियां:

मद (Component) क्या प्रोबेशन में देय होगा? नियम व शर्तें
मूल वेतन (Basic Pay) हाँ (Protected Pay) पूर्व पद का अंतिम मूल वेतन जस का तस प्राप्त होगा।
महंगाई भत्ता (DA) हाँ (Admissible) संरक्षित मूल वेतन पर प्रचलित राज्य सरकार की दरों के अनुसार DA देय होगा।
मकान किराया भत्ता (HRA) हाँ (Admissible) नए पदस्थापन स्टेशन के वर्गीकरण (Y अथवा Z श्रेणी) के अनुसार देय होगा।
वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) नहीं (Not Admissible) 2 वर्ष के प्रोबेशन प्रशिक्षण काल के दौरान कोई वार्षिक वेतन वृद्धि (1 जुलाई) नहीं मिलेगी। मूल वेतन 2 वर्ष तक स्थिर (Frozen) रहेगा।
उपार्जित अवकाश (PL/EL) हाँ (Rule 91) पूर्व पद का अवकाश खाता निरंतर रहेगा और नियमित कर्मचारियों की तरह 15-15 दिन की PL छमाही में क्रेडिट होगी।

3. स्थायीकरण पर वेतन निर्धारण (Pay Fixation After Probation): प्रैक्टिकल उदाहरण

2 वर्ष की संतोषजनक परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने पर कर्मचारी का नियमित वेतन निर्धारण राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम, 2017 के नियम 13 एवं 22 के तहत किया जाता है।

व्यावहारिक केस स्टडी (Worked Calculation):

  • कर्मचारी की पूर्व स्थिति: लेवल L-10 में कार्यरत अध्यापक (Grade-III), जिनका संरक्षित मूल वेतन = ₹ 36,900/- था।
  • नवीन चयन: लेवल L-12 (School Lecturer / प्राध्यापक) के पद पर सीधी भर्ती में चयन।
  • 2 वर्ष प्रोबेशन काल में आहरित वेतन: ₹ 36,900/- + DA + HRA (स्थिर मूल वेतन)।

स्थायीकरण (Confirmation) पर फिक्सेशन के चरण:

  1. न्यूनतम एंट्री पे की जांच: नवीन पद (Level L-12) का न्यूनतम एंट्री बेसिक पे = ₹ 44,300/- (Cell 1) है।
  2. तुलना: क्योंकि कर्मचारी का संरक्षित वेतन (₹ 36,900/-) नए पद के न्यूनतम एंट्री पे (₹ 44,300/-) से कम है, अतः कर्मचारी का मूल वेतन स्थायीकरण तिथि से नए लेवल के न्यूनतम सेल पर फिक्स किया जाएगा।
  3. स्थायीकरण पर स्वीकृत बेसिक पे: ₹ 44,300/- (L-12, Cell 1)।

केस 2: यदि संरक्षित वेतन नए पद के न्यूनतम पे से अधिक हो

  • कर्मचारी की पूर्व स्थिति: लेवल L-11 में लंबे समय से सेवारत कार्मिक, जिनका संरक्षित मूल वेतन = ₹ 48,200/- है।
  • नवीन चयन: लेवल L-12 (न्यूनतम एंट्री पे = ₹ 44,300/-) में चयन।
  • फिक्सेशन नियम:
    • लेवल L-12 के पे-मैट्रिक्स कॉलम में ₹ 48,200/- के बराबर राशि तलाशी जाएगी।
    • यदि ₹ 48,200/- का सेल उपलब्ध है, तो उसी पर फिक्स होगा।
    • यदि समान सेल उपलब्ध नहीं है, तो L-12 के ठीक अगले उच्चतर सेल (Immediate Next Higher Cell) पर फिक्स किया जाएगा।
  • वार्षिक वेतन वृद्धि की तिथि (Date of Next Increment - DNI): स्थायीकरण के बाद यदि आगामी 1 जुलाई तक 6 माह की अर्हक सेवा पूर्ण हो जाती है, तो पहली नियमित वार्षिक वेतन वृद्धि 1 जुलाई को देय होगी।

4. विकल्प पत्र प्रस्तुत करने की समय-सीमा (Option Submission Workflow)

[नया कार्यभार ग्रहण करने की तिथि]
               │
               ▼
[कार्यभार ग्रहण के 30 दिवस के भीतर (Within 30 Days)]
               │
               ▼
[कार्यालयाध्यक्ष / DDO को निर्धारित प्रपत्र में विकल्प पत्र (Option Form) प्रस्तुत करना]
               │
               ▼
[DDO द्वारा पूर्व कार्यालय से LPC (Last Pay Certificate) एवं सेवा पुस्तिका मंगाना]
               │
               ▼
[DDO द्वारा वेतन संरक्षण का विधिवत कार्यालय आदेश (Office Order) जारी करना]
               │
               ▼
[PayManager / IFMS 3.0 पर मास्टर डेटा में वेतन एवं भत्तों को अद्यतन करना]

महत्वपूर्ण चेतावनी: यदि कर्मचारी कार्यभार ग्रहण करने के 30 दिन के भीतर लिखित विकल्प प्रस्तुत नहीं करता है, तो नियमानुसार उसे नए पद का नियत पारिश्रमिक (Fixed Remuneration) ही स्वीकृत किया जाता है, जिसे बाद में बदलना प्रशासनिक रूप से अत्यंत जटिल होता है।

5. DDO एवं आहरण संवितरण अधिकारी हेतु ऑडिट चेकलिस्ट (Audit Checklist)

पे-प्रोटेक्शन बिल पारित करने से पूर्व DDO को निम्नलिखित अभिलेखों की अनिवार्य जांच करनी चाहिए:

  • क्या कर्मचारी का पूर्व पद से त्यागपत्र आदेश स्पष्ट रूप से "तकनीकी त्यागपत्र" (Technical Resignation) घोषित करता है?
  • कार्यमुक्ति (Relieving) और नए कार्यभार ग्रहण (Joining) के बीच कोई अनाधिकृत सेवा व्यवधान (Break) तो नहीं है?
  • अंतिम वेतन प्रमाण पत्र (LPC - Form GA-139) में पूर्व पद का अंतिम मूल वेतन, कटौती विवरण और GPF/PRAN नंबर सही दर्ज हैं?
  • प्रोबेशन काल के दौरान वार्षिक वेतन वृद्धि (1 जुलाई) तो नहीं लगा दी गई है? (प्रोबेशन में इंक्रीमेंट प्रतिबंधित है)।
  • क्या कार्मिक के वेतन से Pay Level के अनुसार सही RGHS एवं GPF की कटौती की जा रही है?
  • सर्विस बुक के प्रथम पृष्ठ पर पे-प्रोटेक्शन स्वीकृति आदेश क्रमांक लाल स्याही में दर्ज है?

अस्वीकरण (Disclaimer): यह मार्गदर्शिका राजस्थान सेवा नियम (RSR), पुनरीक्षित वेतन नियम 2017 तथा वित्त विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा समय-समय पर जारी अधिसूचनाओं का एक शैक्षणिक व तकनीकी विश्लेषण है। किसी भी वित्तीय आहरण अथवा विधिक निर्धारण हेतु वित्त विभाग के मूल सेवा नियमों एवं परिपत्रों (finance.rajasthan.gov.in) का ही संदर्भ लें।

 

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