राजकीय आवास की अनुज्ञेयता

Jan 28, 2026
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Government Accommodation Rules for Probationers in Rajasthan: प्रोबेशनर कर्मचारियों को सरकारी आवास आवंटन, HRA प्रभाव एवं लाइसेंस शुल्क नियम

राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों में सीधी भर्ती से नियुक्त परिवीक्षाधीन प्रशिक्षणार्थियों (Probationer-Trainees) के लिए सरकारी क्वार्टर/आवास (Government Residential Accommodation) आवंटन के नियम नियमित कर्मचारियों की तुलना में विशिष्ट वित्तीय एवं प्रशासनिक शर्तों के अधीन होते हैं।

चूँकि प्रोबेशनर-ट्रेनी को 2 वर्ष के प्रशिक्षण काल में केवल एक नियत पारिश्रमिक (Fixed Remuneration) देय होता है और अलग से मकान किराया भत्ता (HRA) नहीं दिया जाता, इसलिए सरकारी आवास आवंटन पर वेतन कटौती, लाइसेंस फीस (License Fee) और पात्रता श्रेणियों को लेकर कर्मचारियों के मन में अनेक संशय रहते हैं।

यह विस्तृत गाइड राजस्थान सिविल सेवा (आवासीय भवनों का आवंटन) नियम [Rajasthan Civil Services (Allotment of Residential Accommodation) Rules], संपदा निदेशालय (Directorate of Estates), सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) एवं लोक निर्माण विभाग (PWD) के नवीनतम दिशा-निर्देशों के तहत प्रोबेशनर कर्मचारियों के लिए सरकारी आवास आवंटन की पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट करती है।

1. विधिक आधार एवं आवंटन की पात्रता (Eligibility Framework)

  • आवंटन का विधिक अधिकार: सरकारी सेवा में नियुक्ति मात्र से सरकारी आवास प्राप्त करना कोई विधिक अधिकार (Legal Right) नहीं बन जाता। आवास का आवंटन सरकारी क्वार्टरों की उपलब्धता, आवेदक की वरिष्ठता (Seniority of Application) तथा संवर्ग की प्रशासनिक अनिवार्यता पर निर्भर करता है।
  • प्रोबेशनर-ट्रेनी की पात्रता:
    • प्रोबेशनर कर्मचारी पदस्थापन स्टेशन पर उपलब्ध सरकारी पूल (General Pool / Departmental Pool) के क्वार्टर के लिए आवेदन करने हेतु विधिक रूप से पात्र हैं।
    • यद्यपि, प्राथमिकता सूची (Priority Waiting List) में वरिष्ठता का निर्धारण सामान्यतः नियमित कर्मचारियों के बाद अथवा उनके आवेदन की क्रम संख्या के आधार पर किया जाता है।
  • अनिवार्य आवासीय पद (Mandatory Residence Posts): कुछ पदों—जैसे जेलर, हॉस्टल वार्डन, कनिष्ठ अभियंता (PWD/PHED डाक बंगला/कैंपस), पुलिस थाना परिसर स्टाफ अथवा चिकित्सालय परिसर के मेडिकल स्टाफ—के लिए आवंटित आवास "पद-विशिष्ट" (Designation-Specific) होते हैं। इन पदों पर पदस्थापित प्रोबेशनर कर्मचारियों को परिसर में रहना प्रशासनिक रूप से अनिवार्य होता है।

2. प्रोबेशन काल में आवास श्रेणी का निर्धारण (Category / Type of Quarter)

सामान्यतः सरकारी क्वार्टर का आवंटन कर्मचारी के Pay Matrix Level (मूल वेतन) के आधार पर किया जाता है। प्रोबेशनर-ट्रेनी को उनके पद के नियमित होने पर मिलने वाले नियमित पे-लेवल (Substantive Pay Level) के अनुसार आवास श्रेणी की पात्रता निर्धारित की जाती है:

नियमित पद का पे-लेवल (Pay Level) आवास की श्रेणी (Type of Quarter) पद का उदाहरण (Example Posts)
Level L-1 से L-4 Type-I (Class-IV) चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, वाहन चालक आदि।
Level L-5 से L-8 Type-II कनिष्ठ सहायक (LDC), प्रयोगशाला सहायक, सूचना सहायक आदि।
Level L-9 से L-11 Type-III वरिष्ठ अध्यापक (2nd Grade Teacher), कनिष्ठ लेखाकार (JA), SI आदि।
Level L-12 से L-14 Type-IV स्कूल प्राध्यापक (1st Grade), कनिष्ठ अभियंता (AEn/JEn), प्रशासनिक अधिकारी।
Level L-15 एवं उच्चतर Type-V एवं उच्च (Officers) राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS), वरिष्ठ विभागाध्यक्ष आदि।

यदि कर्मचारी की पात्रता श्रेणी का क्वार्टर उपलब्ध न हो, तो वह अपनी श्रेणी से एक स्तर नीचे (One Step Lower Type) के क्वार्टर के आवंटन हेतु लिखित सहमति दे सकता है।

3. वेतन पर प्रभाव: HRA कटौती एवं मानक लाइसेंस शुल्क (Financial Impact & License Fee)

यह सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय बिंदु है जिसे प्रत्येक प्रोबेशनर कर्मचारी एवं DDO को समझना आवश्यक है:

A. मकान किराया भत्ता (HRA) की स्थिति:

  • नये सीधी भर्ती वाले प्रोबेशनर: इन्हें वित्त विभाग के नियमों के तहत नियत पारिश्रमिक (Fixed Remuneration) के अलावा अलग से HRA मिलता ही नहीं है। अतः वेतन से अलग से HRA कटने का प्रश्न ही नहीं उठता।
  • वेतन संरक्षण (Pay Protection) वाले इन-सर्विस प्रोबेशनर: यदि किसी कर्मचारी ने RSR नियम 24-26 के तहत पूर्व पद का वेतन संरक्षित (Protected Pay + DA + HRA) करवाया है और वह सरकारी क्वार्टर लेता है, तो उसे HRA की पात्रता समाप्त हो जाएगी और उसके मासिक बिल में HRA देय नहीं होगा।

B. मानक लाइसेंस शुल्क (Standard License Fee):

  • सरकारी आवास के उपभोग के एवज में लोक निर्माण विभाग (PWD / Finance Rules) द्वारा निर्धारित मासिक मानक अनुज्ञा शुल्क (Standard License Fee) का भुगतान करना अनिवार्य होता है।
  • यह राशि आवास के कारपेट एरिया और टाइप के अनुसार निर्धारित होती है (सामान्यतः ₹150/- से ₹1,500/- प्रति माह तक)।
  • कटौती का तरीका: यह लाइसेंस शुल्क प्रोबेशनर के मासिक नियत पारिश्रमिक बिल (Fixed Pay Bill) से कटौती शीर्ष (Deduction Head) के रूप में काटा जाता है अथवा चालान के माध्यम से ई-ग्रास (e-GRAS) पर जमा कराया जाता है।

C. पानी एवं बिजली प्रभार (Water & Electricity Charges):

  • सरकारी आवास में उपभोग की जाने वाली बिजली और पानी के बिल का भुगतान पूर्णतः कर्मचारी को स्वयं के स्तर पर करना होता है। यह सरकारी छूट के दायरे में नहीं आता।

4. आवेदन एवं आवंटन की मानक प्रक्रिया (Application Workflow)

[चरण 1: पदस्थापन स्टेशन पर कार्यभार ग्रहण (Joining)]
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[चरण 2: सम्पदा निदेशालय (GAD) अथवा विभागीय पूल समिति को निर्धारित प्रपत्र में आवेदन]
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                        ▼
[चरण 3: DDO द्वारा सेवा सत्यापन एवं पे-लेवल पात्रता प्रमाण पत्र जारी करना]
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[चरण 4: आवंटन समिति द्वारा रिक्ति के आधार पर आवंटन आदेश (Allotment Order) जारी होना]
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[चरण 5: आदेश जारी होने के 8 दिवस के भीतर भौतिक कब्जा (Physical Possession) प्राप्त करना]
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[चरण 6: PWD/कनिष्ठ अभियंता से ऑक्यूपेंसी रिपोर्ट (Occupancy Report) लेकर DDO को प्रस्तुत करना]

5. अनाधिकृत अधिभोग एवं खाली करने के नियम (Eviction & Penalties)

  1. आवास न लेने पर विधिक परिणाम: यदि आवंटन आदेश जारी होने के निर्धारित समय (सामान्यतः 8 से 15 दिन) के भीतर कर्मचारी बिना वैध कारण के आवास का कब्जा नहीं लेता है, तो आवंटन रद्द माना जाता है और कर्मचारी आगामी 1 वर्ष तक पुनः आवेदन हेतु अपात्र हो जाता है।
  2. स्थानांतरण होने पर अवधि: स्थानांतरण होने की स्थिति में कर्मचारी अधिकतम 2 माह तक सामान्य लाइसेंस शुल्क पर आवास रख सकता है (बच्चों की वार्षिक परीक्षा की स्थिति में सक्षम स्वीकृति से अतिरिक्त समय मिल सकता है)।
  3. शास्तिक किराया (Penal Rent): निर्धारित समयावधि के बाद भी आवास खाली न करने पर कर्मचारी से सामान्य दर से चार गुना से दस गुना तक दंडात्मक किराया (Market/Penal Rent) वसूला जा सकता है तथा CCA Rules 1958 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

6. DDO एवं आहरण संवितरण अधिकारी हेतु चेकलिस्ट (DDO Inspection Checklist)

सरकारी आवास में निवासरत प्रोबेशनर कर्मचारी के वेतन बिल पास करते समय DDO को निम्नलिखित बिंदुओं की पुष्टि करनी चाहिए:

  • क्या आवास आवंटन समिति / सम्पदा अधिकारी का आधिकारिक आवंटन आदेश पत्रावली में संलग्न है?
  • प्रोबेशनर के मासिक बिल से PWD द्वारा निर्धारित मानक लाइसेंस शुल्क (License Fee) की कटौती सही बजट मद में की जा रही है?
  • यदि कर्मचारी पे-प्रोटेक्शन (Option B) पर है, तो यह सुनिश्चित किया गया है कि उसके बिल में HRA का आहरण पूरी तरह शून्य (Zero) कर दिया गया है?
  • क्या कर्मचारी का स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति होने पर आवास खाली करने का बेदखली प्रमाण पत्र (No Accommodation Certificate / Vacation Report) प्राप्त कर लिया गया है?

अस्वीकरण (Disclaimer): यह मार्गदर्शिका राजस्थान सिविल सेवा (आवासीय भवनों का आवंटन) नियमों तथा सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों का एक विश्लेषणात्मक व शैक्षणिक प्रारूप है। किसी भी आवास विवाद अथवा विधिक आवंटन के संदर्भ में संपदा निदेशालय, राजस्थान सरकार के मूल नियमों एवं परिपत्रों का ही संदर्भ लें।

 

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