राजस्थान Two-Children Rule 2024-25: नए नियम और बड़े बदलाव

Mar 09, 2026
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राजस्थान "दो संतान नियम" (Two-Children Rule) 2024-2025: नए संशोधन और ताजा अपडेट

राजस्थान सरकार ने हाल ही में Two-Child Policy को लेकर कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जिसका सीधा असर राज्य के सरकारी कर्मचारियों और स्थानीय निकाय चुनाव (Panchayat & Municipal Elections) लड़ने वाले उम्मीदवारों पर पड़ने वाला है। अगर आप राजस्थान सरकार के अधीन कार्यरत हैं या भविष्य में चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं, तो इन नए नियमों को समझना आपके लिए बहुत जरूरी है।

1. निकाय और पंचायत चुनाव में मिली बड़ी राहत

फरवरी 2026 में भजनलाल सरकार ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए राजस्थान पंचायती राज संशोधन बिल 2026 को मंजूरी दी है। इस संशोधन के बाद अब दो से अधिक संतान वाले व्यक्ति भी पंचायत और नगर निकाय चुनाव लड़ सकेंगे।

  • क्या बदला: पिछले 30 सालों से लागू वह प्रतिबंध हट गया है जिसके तहत 2 से ज्यादा बच्चों वाले उम्मीदवारों को अयोग्य माना जाता था।
  • उद्देश्य: सरकार का मानना है कि यह नियम अब अप्रासंगिक हो चुका है क्योंकि राज्य की प्रजनन दर (Fertility Rate) में काफी गिरावट आई है।

2. राजस्थान सरकारी कर्मचारियों के लिए "Promotion" नियम

जहाँ एक तरफ चुनाव के लिए नियमों में ढील दी गई है, वहीं सरकारी कर्मचारियों के लिए स्थिति थोड़ी अलग है:

  • प्रमोशन पर रोक: राजस्थान हाई कोर्ट के नवीनतम आदेशों के अनुसार, जिन कर्मचारियों के 1 जून 2002 के बाद दो से अधिक बच्चे हैं, उनके प्रमोशन पर अभी भी कानूनी पेच फंसे हुए हैं।
  • सुप्रीम कोर्ट का रुख: सुप्रीम कोर्ट ने भी राजस्थान सरकार के उस नियम को बरकरार रखा है जिसमें दो से अधिक बच्चे होने पर सार्वजनिक नौकरी के लिए अयोग्य माना जाता है। इसे परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के लिए एक उचित कदम माना गया है।

3. राजस्थान सर्विस रूल्स (RSR) में मुख्य प्रावधान

राजस्थान विभिन्न सेवा (संशोधन) नियम, 2001 के अनुसार:

  • कट-ऑफ डेट: 1 जून 2002 के बाद पैदा हुए बच्चों की संख्या 2 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • अपवाद: यदि किसी कर्मचारी को दूसरी डिलीवरी में जुड़वां (Twins) बच्चे होते हैं और कुल संख्या 3 हो जाती है, तो उसे नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा।
  • अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment): यदि किसी कर्मचारी के 2 से अधिक बच्चे हैं, तो उसकी मृत्यु के बाद परिवार के सदस्यों को अनुकंपा नियुक्ति मिलने में कठिनाई हो सकती है।

निष्कर्ष

राजस्थान में "दो संतान नियम" अब एक दोहरी नीति (Dual Policy) की तरह काम कर रहा है। जहाँ राजनीतिक पदों के लिए दरवाजे खोल दिए गए हैं, वहीं सरकारी सेवा में अभी भी कड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

महत्वपूर्ण नोट: नवीनतम सरकारी आदेशों (Latest Notifications) और PDF डाउनलोड करने के लिए हमारी वेबसाइट के 'Downloads' सेक्शन पर नजर रखें।

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