प्रोबेशनर ट्रेनी मेडिक्लेम और RGHS नियम

Jan 28, 2026
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Rajasthan Probationer Trainee Medical Rules & RGHS: प्रोबेशनर कर्मचारियों हेतु मेडिक्लेम, RGHS कटौती स्लैब एवं कैशलेस उपचार नियम

राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों में सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त परिवीक्षाधीन प्रशिक्षणार्थियों (Probationer-Trainees) के लिए चिकित्सा परिचर्या एवं स्वास्थ्य सुरक्षा के नियम सामान्य नियमित कर्मचारियों से थोड़े भिन्न प्रक्रियात्मक ढांचे पर आधारित होते हैं।

पूर्व में लागू 'राज मेडिक्लेम पॉलिसी' (Raj Mediclaim Policy) के स्थान पर अब राज्य सरकार द्वारा राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) लागू की जा चुकी है। इस मार्गदर्शिका में वित्त (बीमा) विभाग की अधिसूचनाओं के तहत प्रोबेशनर-ट्रेनी के नियत पारिश्रमिक (Fixed Remuneration) से RGHS कटौती, IPD/OPD कैशलेस लाभ, कार्ड निर्माण (SSO Registration) तथा आकस्मिक चिकित्सा प्रतिपूर्ति (Reimbursement) के सभी विधिक व व्यावहारिक नियमों का विश्लेषण किया गया है।

1. विधिक पृष्ठभूमि: राज मेडिक्लेम से RGHS का परिवर्तन

  • अधिसूचना क्रमांक: वित्त (बीमा) विभाग की अधिसूचना No. F. 5(5)FD/Insurance/2020 के तहत राज्य के समस्त सेवारत कार्मिकों, जिनमें प्रोबेशनर-ट्रेनी भी शामिल हैं, को Rajasthan Government Health Scheme (RGHS) के दायरे में शामिल किया गया।
  • अनिवार्य कवरेज: 01.01.2004 को या उसके पश्चात नियुक्त समस्त राज्य कर्मचारियों एवं प्रोबेशनर कार्मिकों के लिए यह योजना अनिवार्य है।
  • पारिवारिक फ्लोटर आधार (Family Floater Unit): RGHS के अंतर्गत प्रोबेशनर कार्मिक के अतिरिक्त उसके आश्रित माता-पिता (जिनकी सभी स्रोतों से मासिक आय ₹6,000/- से अधिक न हो), पति/पत्नी और 25 वर्ष तक के आश्रित बेरोजगार पुत्र एवं अविवाहित/आश्रित पुत्रियों को निःशुल्क उपचार का अधिकार मिलता है।

2. प्रोबेशन काल में वेतन कटौतियों की स्थिति (Deduction Framework)

2 वर्ष के प्रोबेशन प्रशिक्षण काल के दौरान कार्मिक को केवल नियत पारिश्रमिक (Fixed Remuneration) देय होता है। इस दौरान स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा कटौतियों की वास्तविक विधिक स्थिति निम्नानुसार है:

कटौती का प्रकार (Deduction Head) प्रोबेशन में कटौती की स्थिति नियम / प्रासंगिक आदेश
RGHS कटौती (Health Scheme) अनिवार्य (Compulsory) वित्त (बीमा) विभाग के आदेशानुसार प्रति माह फिक्स पारिश्रमिक से कटौती की जाती है।
GPF कटौती (General Provident Fund) लागू (W.e.f. May 2022) ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) बहाली के पश्चात वित्त विभाग के आदेश दिनांक 26.05.2022 के अनुसार Pay Level वार मासिक कटौती।
राज्य बीमा कटौती (State Insurance - SI) शून्य (No Deduction) प्रोबेशन अवधि में SI कटौती नहीं होती। यह सेवा के नियमितीकरण (Confirmation) के पश्चात आगामी मार्च माह से शुरू होती है।

3. RGHS मासिक अंशदान कटौती स्लैब (Monthly Subscription Slabs)

वित्त विभाग के आदेशानुसार 7वें वेतन आयोग (RCS Revised Pay Rules 2017) के अंतर्गत प्रोबेशनर-ट्रेनी के नियमित होने पर मिलने वाले न्यूनतम पे-लेवल / बेसिक पे के आधार पर मासिक कटौती का निर्धारण किया जाता है:

पे-मैट्रिक्स पे-लेवल (पे-बैंड स्तर) संबंधित मूल वेतन सीमा (Basic Pay Slab) मासिक RGHS कटौती राशि (Monthly Subscription)
L-1 से L-4 ₹ 18,000/- तक बेसिक पे ₹ 265/- प्रति माह
L-5 से L-9 (उदा. LDC, Lab Asst) ₹ 18,000/- से अधिक परंतु ₹ 33,500/- तक ₹ 440/- प्रति माह
L-10 से L-13 (उदा. 2nd Grade, 1st Grade) ₹ 33,500/- से अधिक परंतु ₹ 54,000/- तक ₹ 658/- प्रति माह
L-14 एवं उच्चतर (RAS, कॉलेज व्याख्याता) ₹ 54,000/- से अधिक ₹ 875/- प्रति माह

बजट मद (Budget Head): RGHS अंशदान की कटौती राज्य लेखा के विशिष्ट बजट शीर्ष 8342-00-120-(69) में जमा होती है।

4. प्रोबेशनर-ट्रेनी हेतु RGHS के तहत उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाएँ

  1. कैशलेस आईपीडी उपचार (Indoor Treatment):
    1. राज्य के सभी राजकीय चिकित्सालयों तथा RGHS से संबद्ध (Empanelled) निजी चिकित्सालयों में प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹ 5.00 लाख तक का कैशलेस इंडोर उपचार उपलब्ध है।
    2. गंभीर एवं असाध्य बीमारियों (Catastrophic Illnesses जैसे कैंसर, न्यूरोसर्जरी, हृदय रोग आदि) के लिए अतिरिक्त क्रिटिकल केयर कवरेज अनुमत है।
  2. कैशलेस ओपीडी एवं दवाइयाँ (Outdoor Treatment):
    1. प्रति वित्तीय वर्ष प्रति परिवार निर्धारित सीमा (सामान्यतः ₹ 20,000/- से ₹ 30,000/- तक) तक अधिकृत ई-फार्मा स्टोर एवं अनुमोदित मेडिकल स्टोरों से डॉक्टर के पर्चे (Prescription) पर शत-प्रतिशत कैशलेस दवाइयाँ प्राप्त करने की सुविधा।
  3. आयुष एवं वैकल्पिक चिकित्सा:
    1. अनुमोदित राजकीय एवं निजी आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सालयों में डे-केयर व इंडोर परामर्श सुविधा।

5. SSO Portal पर RGHS कार्ड निर्माण एवं DDO अप्रूवल प्रक्रिया

कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत प्रोबेशनर कर्मचारी को स्वयं का RGHS ई-कार्ड सक्रिय करने हेतु निम्नलिखित चरण पूर्ण करने होते हैं:

[चरण 1: SIPF पोर्टल पर Employee ID का निर्माण (DDO द्वारा)]
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[चरण 2: कार्मिक की SSO ID लॉगिन (Government Employee SSO)]
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[चरण 3: RGHS पोर्टल पर जाकर 'New Employee Registration' विकल्प का चयन]
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[चरण 4: जन आधार (Jan Aadhaar) लिंकिंग एवं परिवार के सदस्यों का चयन]
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[चरण 5: आश्रितों की पात्रता एवं संबंधों का सत्यापन (Self-Declaration)]
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[चरण 6: फाइनल सबमिशन एवं DDO स्तर पर ऑनलाइन सत्यापन / ई-कार्ड डाउनलोड]

आवश्यक दस्तावेज:

  • DDO द्वारा जारी एम्प्लॉई आईडी (Employee ID / SIPF Number)।
  • जन आधार कार्ड (Jan Aadhaar Card) — जिसमें कार्मिक और परिवार के सदस्यों का नाम, आधार संख्या व जन्मतिथि सही हो।
  • कार्यभार ग्रहण रिपोर्ट (Joining Report) की प्रति।

6. आपातकालीन परिस्थिति एवं गैर-संबद्ध अस्पतालों में उपचार (Reimbursement Rules)

यदि किसी प्रोबेशनर कार्मिक अथवा उसके आश्रित परिजन को जीवन के लिए घातक आपातकालीन स्थिति (Life-Threatening Emergency) में किसी ऐसे निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़े जो RGHS से संबद्ध नहीं है:

  • प्रक्रिया: कार्मिक को उपचार समाप्त होने और डिस्चार्ज होने के 30 दिन के भीतर संपूर्ण मूल बिल, डिस्चार्ज टिकट, इमरजेंसी प्रमाण पत्र (Emergency Certificate issued by Hospital) और डॉक्टर के पर्चे RGHS पोर्टल पर "Reimbursement Claim Module" के माध्यम से ऑनलाइन प्रस्तुत करने होते हैं।
  • प्रतिपूर्ति की दरें: पुनर्भरण का भुगतान राजस्थान सिविल सेवा (चिकित्सा परिचर्या) नियम, 2013 एवं आरजीएचएस में अधिसूचित पैकेज दरों (CGHS/RGHS Package Rates) के अनुसार ही देय होता है, न कि निजी अस्पताल के मनमाने बिल के आधार पर।

7. DDO (आहरण एवं संवितरण अधिकारी) हेतु चेकलिस्ट

वेतन बिल (Salary Bill / PayManager) प्रोसेस करते समय DDO को यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है:

  • प्रथम माह के नियत पारिश्रमिक बिल से कार्मिक के पे-लेवल के अनुसार सही RGHS स्लैब (₹265, ₹440, ₹658 या ₹875) काटा गया है?
  • क्या कटौती का शेड्यूल बजट मद 8342-00-120-(69) में प्रदर्शित हो रहा है?
  • कार्मिक के जन आधार लिंकिंग के समय परिवार के सदस्यों की आय सीमा (विशेषकर पेंशनभोगी माता-पिता) की विधिक पात्रता की जांच कर ली गई है?
  • किसी भी परिस्थिति में प्रोबेशनर कार्मिक के वेतन से राज्य बीमा (SI) की कटौती तो नहीं की जा रही?

अस्वीकरण (Disclaimer): यह मार्गदर्शिका राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) एवं वित्त (बीमा) विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा जारी परिपत्रों का एक शैक्षणिक विश्लेषण है। किसी भी विवाद अथवा विधिक दावे की स्थिति में RGHS पोर्टल (rghs.gov.in) तथा वित्त विभाग के आधिकारिक दिशा-निर्देशों को ही वैधानिक आधार माना जाए।

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