IFMS 3.0 Vendor Registration Rajasthan: Step-by-Step Guide
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IFMS 3.0 Vendor Management Rajasthan: वेन्डर रजिस्ट्रेशन और बिल वेरिफिकेशन की पूरी प्रक्रिया (Step-by-Step)
राजस्थान सरकार के वित्त विभाग (Department of Finance) ने राज्य के वित्तीय ढांचे को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और उत्तरदायी बनाने के लिए IFMS 3.0 (Integrated Financial Management System) को लागू किया है। यदि आप राजस्थान के किसी भी सरकारी विभाग के साथ एक नागरिक, वेन्डर (Vendor), सप्लायर या ठेकेदार (Contractor) के रूप में काम कर रहे हैं, तो इसके Core Disbursement Engine के अंतर्गत आने वाले Vendor Management Sub-Module को समझना और इस पर रजिस्ट्रेशन करना आपके लिए बेहद अनिवार्य है।
इस गाइड में हम आपको आधिकारिक यूजर मैनुअल (Version 1) के आधार पर, IFMS 3.0 पर Vendor Registration और Pending Bill Abstract Verification की पूरी प्रक्रिया को बहुत ही सरल शब्दों में स्टेप-बाय-स्टेप समझाएंगे।
1. IFMS 3.0 वेन्डर मैनेजमेंट क्या है और इसके मुख्य फायदे?
यह सब-मॉड्यूल मुख्य रूप से सरकारी विभागों और वेन्डर्स के बीच होने वाले लेन-देन को सुरक्षित करने, खरीद (Procurement) प्रक्रियाओं को आसान बनाने और भुगतानों को तय समय पर प्रोसेस करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
एक बार जब आप IFMS 3.0 पोर्टल पर एक अधिकृत वेन्डर (Authorized Vendor) के रूप में ऑनबोर्ड हो जाते हैं, तो आपको निम्नलिखित बेहतरीन फीचर्स मिलते हैं:
- आसान ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: सिस्टम में खुद को जोड़ने की एक सरल और त्वरित प्रक्रिया।
- प्रोफाइल मैनेजमेंट: अपनी व्यावसायिक जानकारी, क्रेडेंशियल्स और आवश्यक दस्तावेज़ों को कभी भी अपडेट करने की सुविधा।
- इनवॉइस ट्रैकिंग: अपने बिलों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से अपलोड करना और उनके पास होने की रियल-टाइम स्थिति देखना।
- पेमेंट हिस्ट्री: भुगतान का पूरा विवरण, लंबित देय राशि (Pending Dues) और डिस्बर्समेंट की जानकारी एक ही डैशबोर्ड पर।
- वर्क ऑर्डर मैनेजमेंट: विभिन्न विभागों द्वारा जारी किए गए वर्क ऑर्डर और उनके स्टेटस को ट्रैक करना।
- एब्सट्रैक्ट वेरिफिकेशन (Verify Abstract): WAM मॉड्यूल के माध्यम से वर्क ऑर्डर के एवज में तैयार किए गए एब्सट्रैक्ट को खुद ऑनलाइन जांचना और वेरीफाई करना।
2. पोर्टल एक्सेस करने के लिए आवश्यक पात्रता (Prerequisites)
IFMS 3.0 वेन्डर पोर्टल पर काम शुरू करने से पहले आपके पास निम्नलिखित चीजें होनी चाहिए:
- आधिकारिक वेबसाइट लिंक: https://ifms.rajasthan.gov.in
- SSO ID क्रेडेंशियल्स: आपका एक्टिव यूजर आईडी और पासवर्ड।
रजिस्ट्रेशन करने के दो विकल्प:
- सेल्फ-सर्विस पोर्टल (Self-Service): वेन्डर स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
- विभागीय सहायता (Departmental Registration): यदि आपके पास आवश्यक डिजिटल क्रेडेंशियल्स या तकनीकी ज्ञान नहीं है, तो आप नजदीकी सरकारी विभाग या संबंधित कार्यालय में जाकर भी अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
3. IFMS 3.0 वेन्डर रजिस्ट्रेशन कैसे करें? (Step-by-Step Sequence)
गलतियों से बचने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को क्रमवार फॉलो करें:
1. पोर्टल पर जाएं और SSO लॉगिन करें:स्टेप 1.
अपने वेब ब्राउज़र में आधिकारिक IFMS 3.0 पोर्टल खोलें और होम पेज पर दिए गए Login बटन पर क्लिक करें। यह आपको RajSSO के पेज पर रिडायरेक्ट करेगा। अपनी SSO ID, पासवर्ड और कैप्चा दर्ज कर लॉगिन करें।
2. सिटिजन सेल्फ सर्विस स्पेस चुनें:स्टेप 2.
सफलतापूर्वक लॉगिन करने के बाद, सिस्टम आपके सामने अलग-अलग वर्कस्पेस दिखाएगा। यहाँ आपको Access Citizen Self Service वाले टाइल (Tile) पर क्लिक करना है।
3. वेन्डर मैनेजमेंट मॉड्यूल में प्रवेश करें:स्टेप 3.
सिटिजन लैंडिंग पेज खुलने पर आपको Vendor Management का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें। यदि आप पहली बार आ रहे हैं, तो स्क्रीन पर Vendor Registration का बटन इनेबल हो जाएगा, उस पर आगे बढ़ें।
4. डेटा वेरिफिकेशन का तरीका चुनें:स्टेप 4.
रजिस्ट्रेशन शुरू करने के लिए आपको अपने क्रेडेंशियल के आधार पर किसी एक विकल्प को चुनकर डेटा वेरीफाई करना होगा। आपके पास 3 मुख्य विकल्प होंगे (विवरण नीचे तालिका में देखें)। अपना नंबर दर्ज कर Continue पर क्लिक करें। सिस्टम आपके विवरण को ऑटो-फैच (Auto-fetch) कर लेगा।
डेटा वेरिफिकेशन के लिए आवश्यक विवरण (Table)
| रजिस्ट्रेशन का विकल्प | आवश्यक दस्तावेज / विवरण |
| SAN | SAN Number और SAN पोर्टल पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर |
| GST | वैध GST Number |
| Existing IFMS 2.0 User | पुराना रजिस्टर्ड बैंक अकाउंट नंबर और संबंधित IFSC कोड |
4. वेन्डर रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरने के 6 मुख्य चरण
डेटा वेरिफिकेशन के बाद, आपके सामने मुख्य रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुल जाएगा। इसे 6 आसान भागों में बांटा गया है:
चरण 1: बिजनेस क्लासिफिकेशन (Business Classification)
- Firm Category: ड्रॉपडाउन मेनू से अपनी फर्म की सही श्रेणी चुनें (जैसे- Proprietor, Private Limited, Self-Help Group, LLP आदि)।
- Proprietor Name: यदि फर्म प्रोपराइटरशिप है, तो मालिक का नाम दर्ज करें।
- Business Category: अपनी श्रेणी (जैसे- Startup या Others) के अनुसार चयन करें।
- Firm Sector: यहाँ आप एक से अधिक सेक्टर्स (जैसे- Goods, Services, Work) को टिक करके चुन सकते हैं।
चरण 2: फर्म और पते का विवरण (Firm & Address Details)
यदि आपने शुरुआत में GST या SAN का विकल्प चुना था, तो आपका अधिकांश एड्रेस ऑटो-पॉप्युलेट (पहले से भरा हुआ) हो जाएगा। जो फील्ड्स खाली हैं, वहां अपना पूरा पता (राज्य, जिला, पिन कोड) भरकर Continue पर क्लिक करें।
चरण 3: मालिक/मुख्य व्यक्ति का विवरण (Key Person Details)
यहाँ आपको + Add New Details बटन पर क्लिक करना होगा। वेन्डर के लिए ये तीन फील्ड्स भरना सबसे अनिवार्य (Mandatory) हैं:
- नाम (Name)
- मोबाइल नंबर (Mobile Number)
- ऑफिशियल ईमेल आईडी (Office Email ID)
चरण 4: बैंक खाता और टर्नओवर विवरण (Bank & Turnover)
भुगतान सीधे आपके खाते में आने के लिए बैंक डिटेल्स सही होना सबसे जरूरी है। यहाँ अपना बैंक खाता नंबर और IFSC कोड दर्ज करें। साथ ही, कैंसिल चेक (Cancelled Cheque) या पासबुक की स्कैन कॉपी अपलोड करना अनिवार्य है। टर्नओवर विवरण भरना वैकल्पिक है, इसे आप खाली भी छोड़ सकते हैं।
चरण 5: मुख्य गतिविधियां (Major Activity)
इस चरण में वेन्डर को अपनी मुख्य व्यावसायिक गतिविधियों का विवरण देना होता है। यह विकल्प भी अनिवार्य नहीं है, आप इसे चाहें तो स्किप कर सकते हैं।
चरण 6: वर्क सेक्टर चयन (केवल 'Work' सेक्टर्स के लिए)
यदि आपने चरण 1 में 'Firm Sector' के अंतर्गत "WORK" विकल्प को चुना था, तो ही यह अतिरिक्त स्टेप खुलेगा। यहाँ आपको अपनी कार्य श्रेणी (Category), सब-कैटेगरी और उसकी वैधता अवधि (Validity) को सिलेक्ट करना होगा।
फाइनल सबमिशन और वेन्डर आईडी (Vendor ID)
सभी विवरणों को अच्छी तरह जांचने के बाद Submit बटन पर क्लिक करें और री-कन्फर्मेशन पॉप-अप में Yes चुनें। सफलतापूर्वक सबमिट होते ही स्क्रीन पर आपकी नई Unique Vendor ID जनरेट हो जाएगी। इसे भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित नोट कर लें।
5. पेंडिंग बिल एब्सट्रैक्ट को कैसे वेरीफाई करें? (Verify Abstract Process)
रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद आपके पास अपने बिलों और भुगतान से जुड़े एब्सट्रैक्ट को ऑनलाइन वेरीफाई करने की सुविधा होती है। इसकी प्रक्रिया इस प्रकार है:
- डैशबोर्ड पर जाएं: वेन्डर सेन्ट्रल मेनू में Vendor Dashboard पर क्लिक करें और बाएं पैनल (Left Panel) से Verify Abstract विकल्प को चुनें।
- वर्क ऑर्डर का चयन: यदि विभाग द्वारा कोई एब्सट्रैक्ट पेंडिंग रखा गया है, तो संबंधित Work Order पर क्लिक करें। इससे उससे जुड़े एब्सट्रैक्ट की सूची खुल जाएगी।
- वेरीफाई और सबमिट: अपनी विशिष्ट Abstract ID पर क्लिक करके पूरा विवरण जांचें। यदि सब कुछ सही है, तो रिमार्क बॉक्स में अपनी टिप्पणी (जैसे- Approved या Ok) लिखें और Verify and Submit पर क्लिक कर दें।
महत्वपूर्ण नोट: राजस्थान सरकार के नियमों के अनुसार, FVC (Fully Vouched Contingent) बिलों और अन्य भुगतानों को सुचारू और बिना किसी रुकावट के पाने के लिए सभी सप्लायर्स को अपनी वेन्डर आईडी तुरंत जनरेट कर लेनी चाहिए।
निष्कर्ष (Conclusion)
IFMS 3.0 का वेन्डर मैनेजमेंट सब-मोड्यूल राजस्थान सरकार और व्यावसायिक संस्थाओं के बीच भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल बिलों के पास होने की गति बढ़ेगी बल्कि मानवीय गलतियों और देरी की गुंजाइश भी कम होगी।